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विपुल उर्फ 'खूनी' एनकाउंटर में ढेर: 20 साल से पश्चिमी UP में फैला रखा था खौफ, 38 मामलों में था वांछित

by on | 2026-07-26 13:37:36

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विपुल उर्फ 'खूनी' एनकाउंटर में ढेर: 20 साल से पश्चिमी UP में फैला रखा था खौफ, 38 मामलों में था वांछित

बागपत । पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दो दशकों से आतंक का पर्याय बने और कुख्यात सुशील मूंछ गैंग के मुख्य शार्प शूटर विपुल उर्फ 'खूनी' को मेरठ एसटीएफ और बागपत पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में मार गिराया गया है। शनिवार शाम सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी विपुल गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौके से दो अवैध पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

घेराबंदी की तो पुलिस टीम पर दागी गोलियां

​एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि विपुल किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए बागपत के सिंघावली अहीर क्षेत्र में आने वाला है। सूचना के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। संदिग्ध बाइक सवार को रुकने का इशारा करने पर उसने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा की गई आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में विपुल को गोलियां लगीं, जबकि उसके अन्य संभावित नेटवर्क की तलाश जारी है।

अपराध का लेखा-जोखा: एक नजर में

अपराधी का नाम: विपुल उर्फ 'खूनी'


संबद्धता: सुशील मूंछ गैंग (मुख्य शार्प शूटर)


कुल दर्ज मुकदमे: 38 (हत्या, रंगदारी, लूट व सुपारी किलिंग)


इनामी राशि: ₹50,000 (शामली पुलिस द्वारा घोषित)


प्रभावित क्षेत्र: शामली, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर एवं दिल्ली


2005 में रखा था अपराध की दुनिया में कदम

​पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विपुल ने वर्ष 2005 में शामली के कांधला थाने से जरायम की दुनिया में पहला कदम रखा था। इसके बाद वह तेजी से संगठित अपराध सिंडिकेट में शामिल होता गया और सुशील मूंछ गैंग का सबसे भरोसेमंद शूटर बन गया। उस पर सुपारी लेकर हत्याएं करने, रंगदारी वसूलने और मुखबिरी के शक में लोगों को निशाना बनाने के दर्जनों मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी उसकी लंबे समय से तलाश कर रही थी।

जमानत से बाहर आकर गवाहों को दे रहा था धमकी

​वर्ष 2014 के एक चर्चित हत्या मामले में विपुल जमानत पर बाहर आया था, जिसके बाद वह अदालती कार्रवाई से फरार हो गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वह लगातार मामले के गवाहों और शिकायतकर्ताओं को जान से मारने की धमकियां देकर रंगदारी मांग रहा था। उसकी इन्हीं आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए शामली पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ का मानना है कि इस एनकाउंटर से पश्चिमी यूपी में सक्रिय गिरोहों को बड़ा झटका लगा है।



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