ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
अपराध अपराध

नरही थाने की ‘खाकी’ फिर दागदार: शराब, हेरोइन और गो-तस्करी का बना अड्डा; 500 रुपये में बॉर्डर पास कराने का खेल जारी

by on | 2026-07-25 23:29:54

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3025


नरही थाने की ‘खाकी’ फिर दागदार: शराब, हेरोइन और गो-तस्करी का बना अड्डा; 500 रुपये में बॉर्डर पास कराने का खेल जारी

बलिया। जनपद का नरही थाना एक बार फिर अपनी कार्यशैली और कारनामों को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में है। थाने की नाक के नीचे से लेकर सीमावर्ती इलाकों तक अवैध गतिविधियों का बाज़ार गर्म है। ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि पुलिस की सरपरस्ती में शराब तस्करी से लेकर हेरोइन (मादक पदार्थों) की खेप किलो के भाव बेची जा रही है। हद तो तब हो गई जब गो-तस्कर बेखौफ होकर मवेशियों को गाड़ियों में लादकर ले जा रहे हैं, और उनके वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं।

​ग्रामीणों में आक्रोश, वायरल वीडियो ने खोली पोल

​अभी करीब एक माह पूर्व नारायणपुर नहर के पास ग्रामीणों ने खुद हिम्मत दिखाते हुए मवेशियों से लदी एक पिकअप गाड़ी को पकड़ा था। उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसने पुलिस की गश्त और मुस्तैदी के दावों की धज्जियां उड़ा दी थीं। यही नहीं, बार्डर पर गाड़ियों को अवैध रूप से पास कराने का ‘अवैध खेल’ अनवरत जारी है। बताया जा रहा है कि लोहे की सरिया लदे ठेलों से लेकर मालवाहक वाहनों तक को महज ₹500 की एंट्री फीस पर अवैध रूप से सीमा पार कराया जा रहा है।

बार्डर वसूली का पुराना इतिहास:

यह पहला मौका नहीं है जब नरही थाना विवादों में है। पूर्व में भी इसी बार्डर वसूली और अवैध पासिंग के खेल में थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी नप चुके हैं और उन्हें जेल तक की हवा खानी पड़ी है। इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।


​"जनता त्रस्त, साहब मस्त": महीनों से लापता पल्लव राय के परिजन दर-दर भटकने को मजबूर

​एक तरफ जहां अवैध कारोबार का फलना-फूलना जारी है, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिक न्याय के लिए तरस रहे हैं। भरौली निवासी पल्लव राय पिछले कई महीनों से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हैं। आरोप है कि नरही पुलिस उनके परिवार की कोई सुध नहीं ले रही है।

​पल्लव राय के पीड़ित परिजन न्याय की गुहार लेकर जिले के तमाम आला अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक उनके हाथ सिर्फ आश्वासन ही लगा है। पुलिस की इस बेरुखी और लापरवाही से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।

​अब सवाल यह उठता है कि क्या इन तमाम गैर-कानूनी गतिविधियों पर उच्चाधिकारियों की नज़र पड़ेगी या नरही पुलिस का यह 'खास खेल' यूं ही बदस्तूर जारी रहेगा?



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment