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बिहार पुलिस के ड्रोन से खुली नरही पुलिस की साठगांठ की पोल: उमरपुर दियारे में बेखौफ शराब तस्करी और भू-माफिया का बोलबाला

by on | 2026-07-26 08:35:31

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बिहार पुलिस के ड्रोन से खुली नरही पुलिस की साठगांठ की पोल: उमरपुर दियारे में बेखौफ शराब तस्करी और भू-माफिया का बोलबाला

​ट्रैक्टर-ट्रॉली व नावों से बिहार भेजी जा रही शराब; बक्सर ऑनलाइन न्यूज के ड्रोन फुटेज से अंतरप्रांतीय सिंडिकेट बेनकाब

​थाने के हिस्ट्रीशीटर का ट्रैक्टर और रिंकू राय की 'मास्टरमाइंड' के रूप में चर्चा; बेबाक 24 के सवालों पर नरही एसएचओ का टालमटोल रवैया

विशेष संवाददाता | बलिया (नरही)

​उत्तर प्रदेश और बिहार की अंतरप्रांतीय सीमा पर स्थित नरही थाना क्षेत्र का उमरपुर दियारा इलाका इन दिनों अवैध शराब तस्करी और भू-माफियाओं की शरणस्थली बना हुआ है। जिस काले कारोबार और आपराधिक गतिविधियों पर स्थानीय नरही पुलिस आंखें मूंदे बैठी थी, उसका खुलासा बिहार पुलिस के हाईटेक ड्रोन कैमरों और 'बक्सर ऑनलाइन न्यूज' द्वारा जारी वीडियो फुटेज ने कर दिया है।

​ड्रोन फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बेखौफ तस्कर ट्रैक्टरों और ट्रॉलियों में शराब भरकर गंगा नदी के किनारे तक पहुंचा रहे हैं, जहां से नावों के जरिए इसे बिहार की सीमा में खपाया जा रहा है। रोजाना ट्रॉलियों में लदकर जा रही शराब की यह खेप स्थानीय सुरक्षा और पुलिसिया गश्त के दावों की हवा निकाल रही है।

​हिस्ट्रीशीटर का ट्रैक्टर और मुख्य सूत्रधार का नेटवर्क

​स्थानीय सूत्रों और वीडियो के आधार पर इस सिंडिकेट में इस्तेमाल हो रहा ट्रैक्टर नरही थाने के ही पंजीकृत हिस्ट्रीशीटर राम गोविंद राय (पुत्र स्व. श्रीकृष्ण राय) का बताया जा रहा है। वहीं, इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड रिंकू राय (पुत्र राम गोविंद राय) बताया जा रहा है।

​क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि ठीक एक साल पहले भी इसी तरह ट्रैक्टर से लदी शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई थी, लेकिन अंदरखाने 'मैनेजमेंट' का खेल कर मामले को रफा-दफा कर दिया गया। पुलिस की इसी शह का नतीजा है कि आज यह सिंडिकेट दियारे में पूरी तरह बेखौफ होकर पैर पसार चुका है।

​शराब तस्करी से लेकर 20 बीघा जमीन कब्जाने तक फैला साम्राज्य

​हिस्ट्रीशीटर और उसके परिवार का आपराधिक रिकॉर्ड केवल शराब तस्करी तक सीमित नहीं है। क्षेत्र में भू-माफिया के तौर पर भी इनका भारी खौफ है:

दहशत में पीड़ित परिवार का पलायन: परिवार की दबंगई और आपराधिक रसूख से तंग आकर गांव का एक पीड़ित श्रीवास्तव परिवार अपना घर-बार छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो गया।


20 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा: आरोप है कि छल, बल और फर्जीवाड़े के आधार पर श्रीवास्तव परिवार की लगभग 20 बीघा कीमती जमीन हड़प ली गई और राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज करा लिया गया।


संगीन मुकदमों की लंबी सूची: इस परिवार पर हत्या, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट सहित दर्जनों गंभीर धाराओं में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।


​पुलिसिया कार्रवाई शून्य, तस्कर खुलेआम घूम रहे; 'मैनेजमेंट' का खेल जारी

​इतना बड़ा खुलासा होने और मीडिया में वीडियो सामने आने के बावजूद धरातल पर पुलिसिया कार्रवाई पूरी तरह नगण्य बनी हुई है।  चर्चित तस्कर इलाके में खुलेआम घूम रहे हैं और सूत्रों की मानें तो मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए प्रशासनिक स्तर पर 'सेट-अप' और 'मैनेजमेंट' की कवायद तेज हो गई है।

​जब इस पूरे प्रकरण, बक्सर ऑनलाइन न्यूज के ड्रोन फुटेज और पुलिस की शिथिलता पर 'बेबाक 24' ने नरही थाना प्रभारी (SHO) से सीधा सवाल किया, तो उनका गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामने आया।

एसएचओ का बयान: "साहब छुट्टी पर हैं, मामला संज्ञान में नहीं है, पता करवा रहे हैं।"

​सीमा पार से बिहार पुलिस का ड्रोन पूरे सिंडिकेट को ट्रेस कर लेता है, लेकिन नरही पुलिस को अपने ही इलाके में ट्रैक्टरों का यह कारवां नजर नहीं आता। क्या योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को नरही पुलिस अपने खाकी के रसूख से ठेंगा दिखा रही है? स्थानीय जनता अब इस पूरे मामले में पुलिस कप्तान और उच्च अधिकारियों से सख्त दंडात्मक कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।



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