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पीवी सिंधु ने रचा इतिहास! अकाने यामागुची को धूल चटाकर जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

by on | 2026-07-19 20:23:26

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पीवी सिंधु ने रचा इतिहास! अकाने यामागुची को धूल चटाकर जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

टोक्यो: भारत की स्टार शटलर और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने बैडमिंटन की दुनिया में एक बार फिर तिरंगा लहराकर नया इतिहास रच दिया है। सिंधु ने मेजबान देश की दिग्गज और पूर्व विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को उनके ही घरेलू मैदान पर पटखनी देकर जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया है।

इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सिंधु जापान ओपन के इतिहास में महिला एकल का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। यह उनके करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ पर-750 खिताब भी है।


टोक्यो में 50 मिनट का महामुकाबला: सीधे गेम में जीतीं सिंधु

टोक्यो मेट्रोपॉलिटन जिम्नेजियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में पीवी सिंधु शुरुआत से ही बेहद आक्रामक और रणनीतिक रूप से मजबूत नजर आईं:

  • स्कोरलाइन की गूंज: 31 वर्षीय सिंधु ने जापानी स्टार अकाने यामागुची को सीधे गेमों में 21-17, 21-17 से शिकस्त दी।

  • कड़ा संघर्ष: यह खिताबी मुकाबला पूरे 50 मिनट तक चला, जिसमें दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी रैलियां देखने को मिलीं, लेकिन सिंधु ने अपने सटीक स्मैश और बेहतरीन नेट प्ले के दम पर यामागुची को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

चार साल का सूखा खत्म— यामागुची के खिलाफ बड़ी मानसिक जीत

पीवी सिंधु के लिए यह जीत इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि उन्होंने करीब चार साल बाद यामागुची को किसी पूरे मुकाबले (Full Match) में हराया है।

  • पुरानी प्रतिद्वंद्विता: इससे पहले सिंधु ने जापानी खिलाड़ी को साल 2022 के थाईलैंड ओपन में मात दी थी।

  • हालिया रिकॉर्ड: इसी साल मलेशिया ओपन में भी दोनों का आमना-सामना हुआ था, लेकिन तब पहला गेम खत्म होने के बाद यामागुची चोट के कारण मैच से हट गई थीं। ऐसे में इस पूरे मैच को डोमिनेट करके जीतना सिंधु के आत्मविश्वास को आसमान पर ले जाने वाला है।

याद रहे कि पीवी सिंधु भारत की सबसे सफल बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक हैं। साल 2019 में स्विट्जरलैंड में बैडमिंटन की विश्व चैंपियनशिप जीतकर वे ऐसा करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थीं, जिसके बाद देश भर के प्रशंसकों ने वोटिंग के जरिए उन्हें 'बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर 2019' चुना था।

बेबाक24 टेक

पीवी सिंधु को 'बड़े मैचों की खिलाड़ी' क्यों कहा जाता है, उन्होंने आज टोक्यो की धरती पर एक बार फिर साबित कर दिया है। पिछले कुछ समय से सिंधु की फॉर्म और उम्र को लेकर आलोचक लगातार सवाल उठा रहे थे, लेकिन जापान ओपन सुपर-750 का यह खिताब उन सभी आलोचकों के मुंह पर एक करारा तमाचा है। यामागुची जैसी दुनिया की सबसे फुर्तीली खिलाड़ी को उसी के घर में, दर्शकों के दबाव के बीच सीधे गेमों में 21-17, 21-17 से हराना कोई मामूली बात नहीं है।

बेबाक24 का खेल विश्लेषण कहता है कि यह जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए एक संजीवनी की तरह है। जब भी बड़े टूर्नामेंट्स आते हैं, सिंधु का खेल एक अलग ही स्तर पर पहुंच जाता है। चार साल बाद यामागुची पर मिली यह पूर्ण जीत यह दर्शाती है कि सिंधु ने अपनी फिटनेस और खेल की कमियों पर शानदार काम किया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वे अभी भी विश्व बैडमिंटन की असली 'क्वीन' हैं और आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारत के लिए पदकों की सबसे बड़ी दावेदार बनी रहेंगी।



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