ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
राजनीति राजनीति

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आर-पार! राहुल-खड़गे ने पीएम मोदी को लिखी तीखी चिट्ठी; कहा— 'हजारों करोड़ की चोरी पर आपकी चुप्पी स्वीकार्य नहीं'

by on | 2026-07-19 20:20:43

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3090


राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आर-पार! राहुल-खड़गे ने पीएम मोदी को लिखी तीखी चिट्ठी; कहा— 'हजारों करोड़ की चोरी पर आपकी चुप्पी स्वीकार्य नहीं'

नई दिल्ली/अयोध्या: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब देश की सबसे बड़ी राजनीतिक लड़ाई में तब्दील हो चुका है। इस महाविवाद के बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बेहद आक्रामक और संयुक्त पत्र लिखा है।

कांग्रेस के इन दोनों शीर्ष नेताओं ने पत्र में पीएम मोदी की 'चुप्पी' पर सीधे सवाल खड़े करते हुए मांग की है कि इस महाघोटाले की जांच रिपोर्ट और ट्रस्ट के सभी खातों को सार्वजनिक किया जाए।

'भक्त खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं'— पत्र के मुख्य अंश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए पत्र में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। पत्र के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • आस्था से खिलवाड़ का आरोप: नेताओं ने लिखा, "आपको भली-भांति पता है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हजारों करोड़ रुपये की चोरी का मामला सामने आया है। देश-दुनिया के लाखों-करोड़ों भक्तों ने अपनी गाढ़ी कमाई, अटूट आस्था और विश्वास के साथ राम लला के चरणों में दान की थी। लेकिन इस ऐतिहासिक चोरी से वे खुद को पूरी तरह ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।"

  • सरकार और RSS पर सीधा निशाना: पत्र में आगे याद दिलाया गया, "आपने खुद संसद में खड़े होकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस ट्रस्ट को बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इसके सदस्यों की नियुक्ति सिर्फ और सिर्फ आपकी सरकार ने की। यह जगजाहिर है कि ट्रस्ट के सदस्य आरएसएस (RSS), वीएचपी (VHP) और इनके सहयोगी संगठनों से जुड़े हैं। इसके बदनाम पूर्व महासचिव भी आपके बेहद करीबी रहे हैं। ऐसे में इतनी बड़ी चोरी पर आपकी चुप्पी किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। जवाबदेही तय करना और नुकसान की भरपाई करना आपका संवैधानिक कर्तव्य है।"

कांग्रेस की 3 बड़ी मांगें: आर-पार के मूड में विपक्ष

विपक्ष ने प्रधानमंत्री के सामने स्पष्ट रूप से तीन मांगें रखी हैं, जिन्हें न मानने पर संसद के भीतर और बाहर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है:

  1. स्वतंत्र जांच का आदेश: ट्रस्ट के सभी आर्थिक मामलों, नकदी, भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने, चांदी और अन्य कीमती आभूषणों की तुरंत एक स्वतंत्र और निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।

  2. खाते सार्वजनिक हों: जांच पूरी होने के बाद उसकी फाइनल रिपोर्ट और ट्रस्ट के आय-व्यय के सभी खातों को पूरी पारदर्शिता के साथ देश की जनता और भक्तों के सामने सार्वजनिक किया जाए।

  3. कड़ी सजा का प्रावधान: इस वित्तीय हेरफेर में जो भी अधिकारी, नेता या ट्रस्टी दोषी पाया जाए, उसे उसके पद, रसूख या प्रभाव की परवाह किए बिना सख्त से सख्त कानूनी सजा दी जाए।

क्या है वर्तमान स्थिति? एसआईटी कर रही है जांच

अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी और खातों में हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद से ही उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है। इस समय राज्य सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल मामले की गहराई से तूत-तूत, मैं-मैं के बीच जांच कर रही है। एसआईटी इस क्रम में ट्रस्ट से जुड़े कई पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों और संदिग्धों से लगातार पूछताछ कर रही है। हालांकि, विपक्ष इस राज्य स्तरीय जांच से संतुष्ट नहीं है और इसे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश बता रहा है।

बेबाक24 टेक

राम नाम की लूट और उस पर भी आस्था के सबसे बड़े केंद्र में चोरी— यह किसी भी सनातनी और देश के नागरिक के लिए असहनीय है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का प्रधानमंत्री को पत्र लिखना सिर्फ एक राजनीतिक चाल नहीं है, बल्कि यह करोड़ों राम भक्तों के मन में उठ रहे उस वाजिब सवाल की गूंज है, जिसका जवाब सरकार को देना ही होगा।

बेबाक24 का राजनीतिक विश्लेषण कहता है कि मॉनसून सत्र शुरू होने से ठीक पहले इस मुद्दे को उठाना विपक्ष की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। जब ट्रस्ट के निर्माण से लेकर सदस्यों की नियुक्ति तक सब कुछ केंद्र सरकार के इशारे पर हुआ, तो भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी वास्तव में कई गंभीर सवाल खड़े करती है। एसआईटी की जांच पर जनता को भरोसा तब तक नहीं होगा, जब तक कि 'अकाउंट्स ऑडिट' की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाती। यदि सरकार ने इस मामले पर संसद में स्पष्टीकरण नहीं दिया, तो मॉनसून सत्र में नीट धांधली और बागी सांसदों के विवाद के साथ-साथ 'राम मंदिर चंदा चोरी' का यह मुद्दा सरकार के लिए सबसे बड़ी फांस बनने जा रहा है।



Search
Recent News
Popular News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment