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सफदरजंग अस्पताल से सोनम वांगचुक का बड़ा एलान— 'मुझे अवैध हिरासत में रखा गया है', जनता से की 20 जुलाई के 'संसद मार्च' को सफल बनाने की अपील

by admin@bebak24.com on | 2026-07-19 20:04:40

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सफदरजंग अस्पताल से सोनम वांगचुक का बड़ा एलान— 'मुझे अवैध हिरासत में रखा गया है', जनता से की 20 जुलाई के 'संसद मार्च' को सफल बनाने की अपील

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ चल रहे छात्र-युवा आंदोलन के बीच एक बेहद सनसनीखेज मोड़ आ गया है। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन जंतर-मंतर से उठाए गए प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल के भीतर से देश के नाम एक बेहद कड़ा और भावुक संदेश जारी किया है।

अस्पताल में भर्ती वांगचुक ने मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस पर सीधे तौर पर उन्हें 'अवैध हिरासत' में रखने का गंभीर आरोप लगाया है। यह संदेश उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो के माध्यम से लिखित रूप में सामने आया है, जिसने आंदोलनकारियों के भीतर आक्रोश की नई लहर पैदा कर दी है।

'बेबाक24' के ग्राउंड ब्यूरो की विशेष और बेबाक रिपोर्ट:

'आज़ादी का दूसरा आंदोलन, भय मुक्त भारत' — वांगचुक का संदेश

अस्पताल के बेड से जारी अपने लिखित संदेश में सोनम वांगचुक ने इस आंदोलन को देश की दूसरी आजादी की लड़ाई से जोड़ दिया है। उनकी पत्नी द्वारा जारी संदेश के मुख्य बिंदु:

सोनम वांगचुक का संदेश (अस्पताल से): "आज़ादी का दूसरा आंदोलन, भय मुक्त भारत, अन्याय मुक्त भारत। 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च को सफल बनाएं।"

वांगचुक ने साफ कर दिया है कि उन्हें भले ही शारीरिक रूप से जंतर-मंतर से दूर कर दिया गया हो, लेकिन उनका अनशन और उनका हौसला अटूट है। उन्होंने देश भर के युवाओं और नागरिकों से अपील की है कि वे सरकार के इस दमनकारी कदम का जवाब सोमवार को सड़कों पर उतरकर दें।

20 जुलाई को 'महामुकाबला': संसद का सत्र बनाम 'चलो संसद' मार्च

सोमवार, 20 जुलाई 2026 से देश की संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी और छात्र संगठनों ने साफ कर दिया है कि वे दिल्ली पुलिस की किसी भी सख्ती के आगे झुकेंगे नहीं:

  • तय कार्यक्रम पर अडिग: सीजेपी ने घोषणा की है कि संसद के पहले दिन उनका 'चलो संसद' शांतिपूर्ण मार्च हर हाल में निकाला जाएगा।

  • अभिजीत दीपके का अनशन: वांगचुक की गैर-मौजूदगी में कमान संभाल रहे सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके की भूख हड़ताल का आज दूसरा दिन है। दीपके ने कहा है कि वांगचुक को इस तरह कैद रखना सरकार की कायरता है, और युवा अब पीछे नहीं हटेंगे।

  • विपक्ष का मिल सकता है साथ: सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को संसद के भीतर भी विपक्षी सांसद पेपर लीक और वांगचुक की गिरफ्तारी को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। कई सांसदों के मार्च में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पहुंचने की भी संभावना है।

बेबाक24 टेक

दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर जिस 'ग्राउंड टेस्टिंग' की कोशिश की थी, वह पूरी तरह उल्टी पड़ती दिख रही है। वांगचुक को अस्पताल में रखकर उनका अनशन तुड़वाने की कोशिश नाकाम साबित हुई है, क्योंकि उन्होंने किसी भी तरह की ड्रिप या लिक्विड लेने से साफ मना कर दिया है।

बेबाक24 का राजनीतिक विश्लेषण कहता है कि वांगचुक का अस्पताल से आया यह छोटा सा संदेश सोमवार के 'चलो संसद' मार्च के लिए कैटलिस्ट का काम करेगा। सरकार ने एक शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी को 'अवैध हिरासत' में रखकर इस छात्र आंदोलन को एक बड़ा नैतिक आधार दे दिया है। अब यह लड़ाई सिर्फ परीक्षाओं में सुधार की नहीं रह गई है, बल्कि यह नागरिक अधिकारों और 'भय मुक्त भारत' की जंग में तब्दील हो चुकी है। सोमवार को दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा बलों और आक्रोशित युवाओं के बीच भारी तनाव देखने को मिल सकता है। सरकार को यदि इस संकट को टालना है, तो उसे दमन का रास्ता छोड़कर तुरंत प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित करना चाहिए, वरना यह चिंगारी पूरे देश के छात्र समुदाय में फैल सकती है।



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