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'नेतन्याहू न्यूयॉर्क आए तो होंगे गिरफ्तार'; न्यूयॉर्क मेयर ज़ोहरान ममदानी के बयान पर छिड़ा महासंग्राम

by on | 2026-07-19 19:40:14

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'नेतन्याहू न्यूयॉर्क आए तो होंगे गिरफ्तार'; न्यूयॉर्क मेयर ज़ोहरान ममदानी के बयान पर छिड़ा महासंग्राम

न्यूयॉर्क/तेल अवीव: न्यूयॉर्क सिटी के नवनिर्वाचित मेयर ज़ोहरान ममदानी के एक बेहद आक्रामक और चौंकाने वाले बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में भूचाल ला दिया है। मेयर ममदानी ने साफ कहा है कि अगर इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू आगामी सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क आते हैं, तो उनका कानूनी विभाग नेतन्याहू को गिरफ्तार करने के कानूनी पहलुओं पर सक्रिय रूप से विचार कर रहा है।

ममदानी के इस बयान पर इसराइल और अमेरिकी संघीय सरकार ने बेहद तीखी और तल्ख प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों ने इसे अंतराष्ट्रीय कानून की समझ न होने और महज 'सुर्खियां बटोरने की नौटंकी' करार दिया है।


'नेतन्याहू युद्ध अपराधी हैं, उनकी जगह हेग में है' — मेयर ममदानी

'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के मशहूर पॉडकास्ट 'द इंटरव्यू' में बात करते हुए मेयर ज़ोहरान ममदानी ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादे को दोहराया। उन्होंने कहा:

मेयर ज़ोहरान ममदानी का बयान: "मेरा स्पष्ट मानना है कि प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की जगह हेग में है। वे एक प्रमाणित युद्ध अपराधी हैं, जिन पर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने गंभीर आरोप लगाए हैं। हमारा कानूनी विभाग इस बात पर सक्रिय चर्चा कर रहा है कि कानून के दायरे में रहकर हम उनकी गिरफ्तारी के लिए क्या कदम उठा सकते हैं। हम कानून से बाहर नहीं जाएंगे, लेकिन हम इस पर काम कर रहे हैं।"

गौरतलब है कि नवंबर 2024 में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमलों के बाद गाजा में किए गए सैन्य ऑपरेशनों को लेकर पीएम नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

अमेरिकी दूत माइक वाल्ट्ज़ ने गिनाईं 4 वजहें— 'मेयर साहब, कानून पढ़ लीजिए'

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत माइक वाल्ट्ज़ ने मेयर ममदानी के दावे की धज्जियां उड़ाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी संघीय कानून का पाठ पढ़ाया। वाल्ट्ज़ ने चार मुख्य कानूनी कारण बताए कि क्यों ममदानी नेतन्याहू को छू भी नहीं सकते:

  1. ICC संधि से बाहर अमेरिका: अमेरिका उस 'रोम क़ानून' या संधि का पक्षकार ही नहीं है, जिस पर आईसीसी की कानूनी व्यवस्था और वारंट आधारित हैं।

  2. UN मुख्यालय समझौता: संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक बैठकों में भाग लेने आने वाले विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों को यह अंतरराष्ट्रीय समझौता पूर्ण राजनयिक संरक्षण प्रदान करता है।

  3. राष्ट्राध्यक्षों की लीगल इम्युनिटी: किसी भी देश के वर्तमान प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत पूर्ण संप्रभु छूट (Sovereign Immunity) प्राप्त होती है।

  4. संघीय अधिकार बनाम स्थानीय प्रशासन: विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों से जुड़े मामलों में अमेरिकी संघीय (फेडरल) सरकार का अधिकार क्षेत्र सर्वोच्च होता है। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर या वहां की स्थानीय पुलिस के पास किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को गिरफ्तार करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

इसराइल का पलटवार: 'ममदानी न्यूयॉर्क संभालने में नाकाम, यह हमास प्रेम है'

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और संयुक्त राष्ट्र में इसराइल के राजदूत डैनी डेनन ने ममदानी पर करारा हमला बोला है।

  • राजदूत डैनी डेनन का प्रहार: "ज़ोहरान ममदानी न्यूयॉर्क का शासन चलाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। शहर में बढ़ रही यहूदी-विरोधी हिंसा और अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए वे इसराइल को निशाना बनाकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। पीएम नेतन्याहू शान से न्यूयॉर्क आएंगे, गर्व के साथ संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करेंगे और इसराइल का पक्ष रखेंगे। अगर किसी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए, तो वो खुद मेयर ममदानी हैं।"

  • पीएम नेतन्याहू का सीधा आरोप: रेडियो होस्ट सिड रोसेनबर्ग के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ममदानी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ममदानी के दिल में हमास के प्रति गहरी सहानुभूति है। नेतन्याहू ने कहा, "ममदानी उस हमास का समर्थन कर रहे हैं जिसने होलोकॉस्ट के बाद यहूदियों का सबसे बड़ा नरसंहार किया। वे भीतर ही भीतर सिर्फ इसराइल से नहीं, बल्कि अमेरिका और अमेरिकी मूल्यों से भी नफरत करते हैं।"

क्या यह बयान नेतन्याहू के लिए 'सेल्फ-गोल' साबित होगा?

इसराइल में अमेरिका के पूर्व राजदूत डेन शापिरो ने मेयर ममदानी को एक बेहद व्यावहारिक राजनीतिक सलाह दी है। शापिरो के मुताबिक, नेतन्याहू इस समय अपने देश के भीतर भारी राजनीतिक विरोध का सामना कर रहे हैं और अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। ऐसे में यदि न्यूयॉर्क में उन्हें गिरफ्तार करने की कोई भी बचकानी और असफल कोशिश की जाती है, तो इसका उल्टा असर होगा। इससे नेतन्याहू को अपने देश में 'विक्टिम कार्ड' खेलने का मौका मिलेगा और राजनीतिक सहानुभूति मिलेगी, जो उनके विरोधियों के बजाय खुद उनके लिए फायदेमंद साबित होगी।

बेबाक24 टेक

न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी का यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में केवल एक 'पब्लिसिटी स्टंट' और घरेलू वोट बैंक को साधने की कोशिश से ज्यादा कुछ नहीं है। एक वैश्विक महाशक्ति के सबसे बड़े शहर के मेयर होने के नाते उनसे यह उम्मीद की जाती है कि उन्हें अमेरिकी संविधान और अंतरराष्ट्रीय संधियों की बुनियादी समझ हो। वाशिंगटन की फेडरल सरकार के रहते कोई भी स्थानीय मेयर किसी देश के प्रधानमंत्री को गिरफ्तार करने की जुर्रत नहीं कर सकता। तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी आईसीसी के वारंट को 'अपमानजनक' बताया था, और वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख भी आईसीसी के खिलाफ बेहद सख्त है।

बेबाक24 का कूटनीतिक विश्लेषण कहता है कि ममदानी की यह गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी न केवल कानूनी रूप से खोखली है, बल्कि यह न्यूयॉर्क जैसे संवेदनशील शहर में यहूदी और मुस्लिम समुदायों के बीच नफरत और तनाव की खाई को और चौड़ा करेगी। मेयर का काम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पंच बनने का नहीं, बल्कि अपने शहर की चरमराती कानून व्यवस्था और अपराध को संभालना है, जिसमें वे विफल दिख रहे हैं। नेतन्याहू सितंबर में न्यूयॉर्क आएंगे भी और भाषण भी देंगे, और ममदानी का कानूनी विभाग सिर्फ फाइलों पर धूल झाड़ता रह जाएगा।



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