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जंतर मंतर के बाद अब पुणे में गरजेगी CJP: अभिजीत दीपके का 11 जून को महा-प्रदर्शन का एलान

by on | 2026-06-08 21:26:04

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जंतर मंतर के बाद अब पुणे में गरजेगी CJP: अभिजीत दीपके का 11 जून को महा-प्रदर्शन का एलान

पुणे/नई दिल्ली: देश भर में नीट (NEET) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुए कथित पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुआ युवाओं का आक्रोश अब राष्ट्रीय रूप अख्तियार करने लगा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर दमदार उपस्थिति दर्ज कराने के बाद, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने अब महाराष्ट्र का रुख किया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार (8 जून) को एलान किया कि उनकी पार्टी आगामी 11 जून को महाराष्ट्र की शैक्षिक राजधानी पुणे में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी।

आंदोलनकारियों की एकमात्र और मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा है। CJP प्रमुख ने साफ कर दिया है कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से नहीं हटते, युवाओं का यह देशव्यापी अभियान थमने वाला नहीं है।

'पुणे के कितने कॉकरोच आएंगे?' — सोशल मीडिया पर अभियान तेज

पुणे में होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर माहौल गरमा गया है। अभिजीत दीपके ने अपने ऑफिशियल 'एक्स' (X) हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा:

"आइए पुणे में मिलें! जय महाराष्ट्र।"

वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के आधिकारिक हैंडल से महाराष्ट्र के छात्रों और युवाओं को ललकारते हुए पोस्ट किया गया, "कॉकरोच अब महाराष्ट्र की शैक्षिक राजधानी पुणे में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे। पुणे के कितने कॉकरोच इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं?"

'नेपाल-बांग्लादेश के Gen-Z आंदोलन से तुलना गलत, हमारा रास्ता शांतिपूर्ण'

पड़ोसी देशों में हुए हालिया छात्र आंदोलनों और तख्तापलट की घटनाओं पर पूछे गए सवालों का अभिजीत दीपके ने बेहद सधा हुआ जवाब दिया। रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा:

  • अहिंसा ही मूल मंत्र: CJP का आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और अहिंसक है। इसकी तुलना नेपाल या बांग्लादेश में हुए हिंसक 'जेन-जी' (Gen-Z) प्रदर्शनों से बिल्कुल नहीं की जा सकती।

  • गैर-राजनीतिक मंच: दीपके ने दोबारा स्पष्ट किया कि CJP विशेष रूप से आज की युवा पीढ़ी (Gen-Z) के अधिकारों के लिए बना मंच है और यह भविष्य में भी किसी भी मुख्यधारा के राजनीतिक दल के साथ कोई गठबंधन या जुड़ाव नहीं करेगा।

जंतर-मंतर पर जुटे थे 7,000 युवा, बांटे गए थे 'कॉकरोच मास्क'

शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन की सफलता से उत्साहित दीपके ने आंदोलन के आंकड़ों को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद जंतर-मंतर पर लगभग 6,000 से 7,000 युवा अपनी आवाज उठाने पहुंचे थे।

दिल्ली प्रदर्शन की मुख्य बातें:

  • अनोखा विरोध: प्रदर्शन के दौरान छात्रों में डर को खत्म करने के लिए 'कॉकरोच' (तिलचट्टे) के मुखौटे (Masks) बांटे गए थे, जिन्हें पहनकर युवाओं ने अपनी एकजुटता दिखाई।

  • नारेबाजी: 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' के पोस्टरों के साथ-साथ युवाओं ने सत्तारूढ़ भाजपा से 'हिंदू-मुस्लिम' की राजनीति बंद कर शिक्षा और रोजगार पर ध्यान देने की मांग की और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।

Bebak24 टेक

जंतर-मंतर के ठीक बाद पुणे को अपने अगले आंदोलन का केंद्र चुनना अभिजीत दीपके की एक सोची-समझी रणनीतिक चाल है। पुणे न केवल महाराष्ट्र की सांस्कृतिक और शैक्षिक राजधानी है, बल्कि इसे 'पूर्व का ऑक्सफोर्ड' भी कहा जाता है, जहाँ देश भर के लाखों प्रतियोगी छात्र (MPSC, UPSC, और NEET के अभ्यर्थी) रहकर तैयारी करते हैं।

दिल्ली में तबीयत बिगड़ने और आलोचकों द्वारा 'डिजिटल नैरेटिव' के जमीन पर फ्लॉप होने के दावों के बीच, दीपके ने 11 जून की नई तारीख और पुणे जैसे छात्र-बहुल शहर को चुनकर यह साबित कर दिया है कि वे इस मुद्दे की तपिश को कम नहीं होने देना चाहते। CJP का यह बढ़ता ग्राफ और खुद को नेपाल-बांग्लादेश के हिंसक आंदोलनों से दूर रखकर पूरी तरह 'अहिंसक और गैर-राजनीतिक' बनाए रखना, सरकार के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी चुनौती बनने जा रहा है।



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