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डेढ़ लाख में 'बेटियों' का सौदा! लखनऊ पुलिस ने किया उस खौफनाक सिंडिकेट का पर्दाफाश, जो अनाथ और गरीब बच्चियों की मजबूरी को बाजार में बेच रहा था!

by on | 2026-06-05 16:38:20

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डेढ़ लाख में 'बेटियों' का सौदा! लखनऊ पुलिस ने किया उस खौफनाक सिंडिकेट का पर्दाफाश, जो अनाथ और गरीब बच्चियों की मजबूरी को बाजार में बेच रहा था!

लखनऊ (ब्यूरो)।‌‌  क्या उत्तर प्रदेश की लाचार, गरीब और अनाथ बेटियां अब सिर्फ चंद रुपयों के लालच में दूसरे राज्यों के बाजारों में ब्याही (बेची) जाएंगी? ये हम नहीं, बल्कि लखनऊ के मोहनलालगंज से सामने आई वो सनसनीखेज हकीकत कह रही है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। मोहनलालगंज पुलिस ने एक ऐसे घिनौने और संगठित मानव तस्करी (Girls Trafficking) रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो गरीब और बेसहारा नाबालिग लड़कियों को शादी का झांसा देकर राजस्थान के मंडियों में ढकेल देता था। पुलिस ने गैंग की महिला मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपियों को दबोच लिया है, जिनमें एक नाबालिग (किशोर) भी शामिल है।

​ वारदात की इनसाइड स्टोरी: नानी की एक शिकायत और हिल गया पूरा पुलिस महकमा

​इस पूरे काले धंधे का पर्दाफाश तब हुआ, जब बीते 12 मई को एक बेबस नानी ने मोहनलालगंज थाने में गुहार लगाई। नानी की शिकायत थी कि उनकी 16 और 12 साल की दो मासूम नातिनों को उनका ही एक शातिर रिश्तेदार अपनी महिला साथी के साथ बहला-फुसलाकर भगा ले गया है।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत किडनैपिंग का केस दर्ज किया। अपराधियों को पकड़ने के लिए कई टीमें बनाई गईं। पुलिस ने जमीन-आसमान एक करते हुए करीब 150 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सर्विलांस और लोकल इनपुट की मदद से आखिरकार 18 मई को पुलिस ने दोनों बच्चियों को इनके चंगुल से सुरक्षित बरामद कर लिया।

​ 'सॉफ्ट टारगेट' पर नजर: कपड़े, घूमना-फिरना और फिर 'सौदा'

​जब बरामद हुई मासूमों से पूछताछ की गई, तो जो सच सामने आया वो रोंगटे खड़े करने वाला था। बच्चियों ने बताया कि उन्हें राजस्थान के कोटा ले जाया जा रहा था, जहां मोटी रकम के बदले उनकी जबरन शादी कराने की तैयारी थी।

कैसे जाल बुनता था यह गैंग?

यह सिंडिकेट बेहद शातिर तरीके से काम करता था। इनकी नजर सिर्फ उन लड़कियों पर होती थी, जिनके या तो माता-पिता नहीं थे या फिर जो बेहद गरीब परिवारों से थीं। आरोपी पहले उन बच्चियों से दोस्ती करते, उन्हें नए कपड़े दिलाने, अच्छा खाना खिलाने और घूमाने का लालच देकर उनका भरोसा जीतते थे। जैसे ही बच्ची इनके चंगुल में फंसती, उसे राजस्थान पार कर दिया जाता था।

​रेट कार्ड फिक्स: एक लड़की की कीमत 1.5 लाख रुपये!

​पुलिस की गिरफ्त में आई महिला आरोपी ने जो कबूलनामा किया है, वो कानून व्यवस्था और समाज दोनों के मुंह पर तमाचा है। पूछताछ में उसने उगला कि प्रत्येक लड़की की राजस्थान में शादी (सौदा) कराने के बदले उन्हें 1 से 1.5 लाख रुपये मिलते थे।

​क्रूरता की हद देखिए, आरोपियों ने ये भी कुबूला कि इस वारदात से पहले वो रायबरेली की दो सगी बहनों को भी इसी तरह राजस्थान के दलदल में धकेल चुके हैं।

​ गिरफ्त में आए गुनहगार

​पुलिस ने बुधवार को अतरौली क्रॉसिंग के पास घेराबंदी करके इस गिरोह के चार सदस्यों को हिरासत में लिया:

अनुराग यादव (निवासी: रायबरेली)


मोहम्मद अख्तर


प्रिया पटेल (गैंग की मुख्य संचालक)


एक बाल अपचारी (किशोर)


​ बेबाक 24 का बड़ा सवाल: क्या राजस्थान तक फैले इस पूरे सिंडिकेट का होगा खात्मा?

​लखनऊ पुलिस अब इस गैंग की कुंडली खंगालने और इनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई है। इस रैकेट के तार राजस्थान में बैठे सोनम और उसके पति भूपेंद्र चौधरी से जुड़े हैं, जो वहां लड़कियों की 'डील' पक्की करते थे। पुलिस अब इन दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही है।



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