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वाराणसी कमिश्नरेट से बड़ी खबर: घमहापुर मनीष सिंह हत्याकांड के 12 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज; डीसीपी गोमती जोन की सख्त कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप

by on | 2026-06-05 15:37:18

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वाराणसी कमिश्नरेट से बड़ी खबर: घमहापुर मनीष सिंह हत्याकांड के 12 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज; डीसीपी गोमती जोन की सख्त कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधियों के हौसले पस्त करने के उद्देश्य से वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने एक और बड़ी और दंडात्मक कार्रवाई की है। थाना फूलपुर क्षेत्र के बहुचर्चित मनीष सिंह हत्याकांड के मामले में पुलिस ने कठोर रुख अपनाते हुए गिरफ्तार सभी 12 आरोपियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 (गैंगस्टर एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान के निर्देशन में की गई इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के जरायम पेशा और असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।

​क्या था पूरा मामला?

​गौरतलब है कि बीते 26 अप्रैल 2026 को थाना फूलपुर के अंतर्गत ग्राम घमहापुर में एक सड़क दुर्घटना के बाद अचानक स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। उग्र भीड़ ने कार चालक मनीष सिंह को घेरकर उनके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की थी। गंभीर रूप से घायल मनीष सिंह ने इस हिंसक घटना में दम तोड़ दिया था। जनमानस को झकझोर देने वाली इस सनसनीखेज वारदात के बाद स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज किया और त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में विधिक प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाते हुए पुलिस द्वारा न्यायालय में चार्जशीट (आरोप पत्र) भी दाखिल की जा चुकी है।

​संगठित अपराध मानते हुए लगी गैंगस्टर की धारा

​मामले की संवेदनशीलता, अपराध की क्रूरता और आरोपियों द्वारा सामूहिक व गिरोहबद्ध तरीके से घटना को अंजाम देने की प्रवृत्ति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अब इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत शिकंजा कसा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस आपराधिक गिरोह का नेतृत्व (सरगना) आशीष राजभर कर रहा था, जबकि उसके साथ घमहापुर ग्राम के ही 11 अन्य सदस्य इस संगठित अपराध में शामिल थे। वर्तमान में सभी आरोपी न्यायिक अभिरक्षा के तहत जेल में निरुद्ध हैं।

​संपत्ति कुर्की की तैयारी, जांच का दायरा बढ़ा

​गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद अब आरोपियों की मुश्किलें और अधिक बढ़ने वाली हैं। डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत पुलिस अब इन आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित चल-अचल संपत्तियों, वित्तीय स्रोतों और उनके पूरे आपराधिक नेटवर्क की गहनता से पड़ताल करेगी।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार: "कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले और संगठित होकर अपराध करने वाले तत्वों के खिलाफ यह एक स्पष्ट संदेश है। आवश्यकता पड़ने पर इस गिरोह के सदस्यों की संपत्तियों को कुर्क (धारा 14-A के तहत) करने जैसी कठोरतम विधिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।"


​वाराणसी कमिश्नरेट में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे इस विशेष अभियान को डीसीपी नीतू कादयान की सख्त कार्यशैली और त्वरित निर्णय क्षमता के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आम जनता में सुरक्षा का भाव सुदृढ़ हुआ है।



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