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CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव का तबादला, जांच कमेटी गठित

by admin@bebak24.com on | 2026-06-02 20:01:36

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CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव का तबादला, जांच कमेटी गठित

नई दिल्ली | केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है। इसके साथ ही, सीबीएसई द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सेवाओं की खरीद और टेंडर प्रक्रिया में सामने आई गड़बड़ियों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय विशेष जांच समिति का गठन किया गया है।

एस. राधा चौहान करेंगी जांच समिति की अध्यक्षता

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह जांच समिति ओएसएम  सेवाओं की खरीद, टेंडर प्रक्रिया और उससे जुड़े विभिन्न तकनीकी व वित्तीय पहलुओं की गहन पड़ताल करेगी।

जारी सरकारी आदेश के मुताबिक, इस विशेष जांच समिति की कमान क्षमता निर्माण आयोग  की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान को सौंपी गई है। समिति को सीबीएसई द्वारा ओएसएम सिस्टम के लिए सेवाओं की खरीद से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच करने की पूरी जिम्मेदारी दी गई है।


एक महीने का अल्टीमेटम, बाहरी अधिकारियों की भी ले सकेंगी मदद

सरकार इस मामले को लेकर बेहद सख्त रुख अख्तियार किए हुए है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि:

- मदद का अधिकार: जांच समिति की अध्यक्ष एस. राधा चौहान आवश्यकता पड़ने पर इस केस की तह तक जाने के लिए अन्य विभागों और कार्यालयों के विशेषज्ञ अधिकारियों की सहायता भी ले सकेंगी।

- सचिवीय सहायता: समिति को आवश्यक सचिवीय सहायता कैपेसिटी बिल्डिंग कमेटी द्वारा ही उपलब्ध कराई जाएगी।

- डेडलाइन: केंद्र सरकार ने जांच समिति को अपनी अंतिम रिपोर्ट एक महीने के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को सौंपने के निर्देश दिए हैं।


क्यों गिरी गाज? क्या है पूरा विवाद?

मुख्य बिंदुविवरण
विवाद का कारणसीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली, मूल्यांकन प्रक्रिया और टेंडर आवंटन में कथित अनियमितताएं।
मांगपिछले कुछ समय से छात्रों और विभिन्न शैक्षणिक संगठनों द्वारा इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे।
सरकार का एक्शनविवाद बढ़ता देख केंद्र सरकार ने दो शीर्ष अधिकारियों (चेयरमैन और सचिव) को पद से हटाकर निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए हैं।

शिक्षा जगत से जुड़े इस सबसे बड़े बोर्ड में इतने बड़े स्तर पर फेरबदल होना बेहद असाधारण है। सरकार के इस कड़े फैसले को सीबीएसई के कामकाज में पारदर्शिता लाने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।

इस फेरबदल के बाद अब सीबीएसई का नया बॉस कौन होगा और जांच समिति की रिपोर्ट में क्या खुलासे होते हैं, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।



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