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NEET लीक रोकने को 'मिशन एयरलिफ्ट': वायुसेना के विमानों से पहुंचेंगे प्रश्नपत्र

by on | 2026-05-28 22:36:23

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NEET लीक रोकने को 'मिशन एयरलिफ्ट': वायुसेना के विमानों से पहुंचेंगे प्रश्नपत्र

नई दिल्ली | आगामी 21 जून को देशव्यापी स्तर पर दोबारा आयोजित होने जा रही नीट-यूजी 2026 की परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और लीक-प्रूफ बनाने के लिए केंद्र सरकार एक अभूतपूर्व रणनीति पर विचार कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रश्नपत्रों  को देश के कोने-कोने में सुरक्षित पहुंचाने और किसी भी प्रकार की जमीनी गड़बड़ी या लीकेज की गुंजाइश को खत्म करने के लिए भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है।


रक्षा मंत्री के घर हुई 'सुपर हाई-लेवल' मीटिंग

नीट परीक्षा की नई सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस हैवीवेट बैठक में देश के शीर्ष रणनीतिकार शामिल हुए:

- कौन-कौन रहा मौजूद: बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के महानिदेशक (DG) अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

- पूरी प्रक्रिया की समीक्षा: इस दौरान प्रश्नपत्रों को तैयार करने, उनकी छपाई (Printing), बेहद सुरक्षित लॉजिस्टिक्स और देशव्यापी परिवहन (Transportation) के साथ-साथ परीक्षा केंद्रों की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पर बिंदुवार चर्चा हुई।


2. अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में

सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि वायुसेना के विमानों के इस्तेमाल के इस ऐतिहासिक प्रस्ताव पर अभी अंतिम मुहर लगनी बाकी है। यह पूरा ब्लूप्रिंट अंतिम निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री खुद व्यक्तिगत रूप से 21 जून को होने वाले री-एग्जाम की तैयारियों की पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और पीएमओ (PMO) को इस संबंध में सीधे रिपोर्ट दी जा रही है।

अब तक का पूरा घटनाक्रम: परीक्षा से लेकर सीबीआई एक्शन तक

- 3 मई 2026: देशभर के 551 शहरों और विदेशों के 14 केंद्रों पर लगभग 23 लाख छात्रों के लिए नीट-यूजी परीक्षा आयोजित की गई थी।

- 7-8 मई: एनटीए को परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं और गड़बड़ी की भनक लगी, जिसके बाद इस इनपुट को केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ साझा किया गया।

- 12 मई: पेपर लीक के पुख्ता आरोपों और चौतरफा दबाव के बाद सरकार ने पूरी परीक्षा को रद्द कर दिया और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का एलान किया।

- CBI की ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां: शिक्षा मंत्रालय की लिखित शिकायत पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की कमान संभाली। सीबीआई ने देशव्यापी छापेमारी करते हुए अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 13 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि लीक के वास्तविक स्रोत  का पता लगा लिया गया है।


साख बचाने और युवाओं का भरोसा जीतने की जंग

नीट परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय के लिए इस साल सबसे बड़ी साख की लड़ाई बन चुका है। प्रश्नपत्रों को भेजने के लिए सामान्य सुरक्षा व्यवस्था या कूरियर/ट्रेन/रोडवेज के बजाय सीधे 'भारतीय वायुसेना' के लड़ाकू या मालवाहक विमानों के उपयोग पर विचार करना यह साफ दिखाता है कि सरकार अब इस मामले में रत्ती भर भी जोखिम (Zero Risk) नहीं लेना चाहती। वायुसेना की निगरानी में प्रश्नपत्रों का परिवहन होने से बिचौलियों या स्थानीय सिंडिकेट की पहुंच पूरी तरह खत्म हो जाएगी, जो देश के 23 लाख ईमानदार छात्रों के भविष्य और उनके भरोसे को बहाल करने के लिए बेहद जरूरी कदम है।



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