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BJP संगठन में महाफेरबदल: UP में 50% नए चेहरों को मौका, बदले जाएंगे सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष!

by on | 2026-05-28 17:12:00

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BJP संगठन में महाफेरबदल: UP में 50% नए चेहरों को मौका, बदले जाएंगे सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष!

लखनऊ/दिल्ली: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने संगठन को पूरी तरह 'चुनावी और आक्रामक मोड' में लाने की तैयारी कर चुकी है। लंबे समय से लंबित संगठनात्मक फेरबदल को अब अंतिम रूप दे दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी राज्य स्तर से लेकर क्षेत्रीय इकाइयों तक व्यापक बदलाव करने जा रही है, जिसमें पुराने चेहरों की छुट्टी और युवाओं को तरजीह मिलना तय है।

राज्य नेतृत्व में 50 फीसदी बदलाव संभव

​बीजेपी राज्य इकाई के शीर्ष नेतृत्व में करीब 50 प्रतिशत तक बदलाव करने जा रही है। इस पूरी कवायद का एकमात्र उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में नई ऊर्जा फूंकना है, ताकि विपक्ष के हमलों का आक्रामक जवाब दिया जा सके।

दिल्ली में हाई-लेवल बैठक, केंद्रीय नेतृत्व को सौंपी गई रिपोर्ट

​इस महाफेरबदल की पटकथा दिल्ली में लिखी जा चुकी है। हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह के साथ एक अहम और विस्तृत बैठक की। इस बैठक में पंकज चौधरी ने प्रदेश संगठन से जुड़ी पूरी रिपोर्ट और बदलाव से संबंधित सुझाव केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दिए हैं।

फेरबदल के 5 सबसे बड़े 'एक्स-फैक्टर'

सभी 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले जाएंगे: सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी अपनी सभी 6 क्षेत्रीय इकाइयों के अध्यक्षों को बदलने जा रही है। कुछ पुराने अध्यक्षों को प्रदेश संगठन में नई और बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।


नए अध्यक्षों को 'फ्री हैंड': बताया जा रहा है कि नए क्षेत्रीय अध्यक्षों को अपनी टीम खुद चुनने की पूरी छूट दी जाएगी, जिससे जमीनी स्तर पर तालमेल बेहतर हो सके।


प्रदेश कार्यकारिणी में बड़ी सर्जरी: प्रदेश कार्यकारिणी में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल की तैयारी है। इसमें 18 उपाध्यक्ष, 7 महासचिव, 16 सचिव और कोषाध्यक्ष समेत कई अहम पद शामिल हैं।


सातों मोर्चों को मिलेंगे नए सेनापति: भाजपा के सातों मोर्चों (युवा, महिला, किसान, ओबीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक मोर्चा) में भी जल्द ही नए अध्यक्षों की घोषणा होने वाली है।


'एक व्यक्ति, एक पद' - दोहरी जिम्मेदारी खत्म: कई नेताओं के पास मौजूद दोहरी जिम्मेदारियां समाप्त की जाएंगी। लंबे समय से एक ही पद पर जमे नेताओं को हटाकर संगठन को गतिशील बनाया जाएगा।


विपक्ष के 'PDA' फॉर्मूले की काट और बूथ मजबूती पर फोकस

​भाजपा इस बार संगठनात्मक अनुभव के साथ-साथ युवा और सक्रिय चेहरों को प्राथमिकता दे रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विपक्ष के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले का मुकाबला करने के लिए पार्टी सामाजिक समीकरणों (जातीय संतुलन) पर विशेष ध्यान दे रही है।

पहले ही हो चुका है जिला स्तर पर बदलाव:

पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद बीजेपी ने जिला स्तर पर पहले ही बड़ा ऑपरेशन चलाया था, जिसके तहत करीब 95 संगठनात्मक जिलों में जिलाध्यक्ष बदले जा चुके हैं। अब बारी प्रदेश और क्षेत्र की है।

मिशन 2027: संगठन को धार देने की रणनीति

​बीजेपी का लक्ष्य 2027 के रण में उतरने से पहले बूथ स्तर से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक एक मजबूत और अभेद्य समन्वय स्थापित करना है। संगठन को ज्यादा युवा और आक्रामक बनाकर पार्टी अपनी चुनावी रणनीति को धार देने में जुट गई है।



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