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यूपी में एनकाउंटर में मारे गए 85% PDA वर्ग के! अखिलेश का जौनपुर मुठभेड़ पर सवाल

by on | 2026-05-26 21:24:17

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यूपी में एनकाउंटर में मारे गए 85% PDA वर्ग के! अखिलेश का जौनपुर मुठभेड़ पर सवाल

जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर में दूल्हा हत्याकांड के आरोपी रवि यादव की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद राज्य की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने इस मुठभेड़ को 'फर्जी' करार देते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है और दावा किया है कि प्रदेश में होने वाले कुल एनकाउंटर में से 85% लोग PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग से आते हैं।

​'जिस एनकाउंटर के पीछे चले मर्जी, समझो वो है फर्जी'

​सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा:

"जिस एनकाउंटर के पीछे चले मर्जी, समझो वो है फर्जी।"


​अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार पूरे प्रदेश में फर्जी मुठभेड़ की संस्कृति को बढ़ावा दे रही है और झूठी वाहवाही लूटने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया एक सोची-समझी 'दिमागी उपज' का हिस्सा है, जिसके जरिए समाज में नफरत फैलाने और इसे बांटने का काम किया जा रहा है। सपा अध्यक्ष ने इस पूरे मुद्दे पर सरकार से विधानसभा में जवाब की मांग की है।

​सरकारी ताकत के दुरुपयोग का आरोप

​मुठभेड़ों को लेकर पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि यह सीधे तौर पर सरकारी ताकत का दुरुपयोग है। उन्होंने एनकाउंटर करने वाले तत्वों को 'सरकारी अपराधी' की संज्ञा दी। जौनपुर की पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जौनपुर में एक यादव पुजारी का एनकाउंटर किया गया था, जिसके खिलाफ समाजवादी लोगों ने सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़ी थी। अखिलेश ने दर्द बयां करते हुए कहा कि एक एनकाउंटर सिर्फ एक अपराधी को खत्म नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार को हमेशा के लिए अंधेरे में धकेल देता है।

​पुलिसकर्मियों की मानसिक स्थिति पर उठाए सवाल

​अखिलेश यादव ने दावा किया कि लगातार हो रहे इन फर्जी एनकाउंटरों के कारण पुलिसकर्मी खुद भी मानसिक तनाव और बीमारी के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा:

  • शर्मिंदगी का अहसास: एनकाउंटर करने वाले कई पुलिसकर्मी खुद अंदर से जानते हैं कि वे कानून का उल्लंघन कर एक जघन्य अपराध (हत्या) का हिस्सा बन रहे हैं।
  • कासगंज घटना का हवाला: उन्होंने कासगंज के एक मामले का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां एक महिला को उसके पति के एनकाउंटर का डर दिखाकर प्रशासनिक स्तर पर शोषण किया गया, जो इस व्यवस्था की विकृति को दर्शाता है।

​'कस्टोडियल डेथ में यूपी नंबर वन'

​अपने बयान के अंत में अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था के आंकड़ों पर सरकार को घेरते हुए बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों के हनन और हिरासत में होने वाली मौतों (कस्टोडियल डेथ) के मामले में उत्तर प्रदेश आज पूरे देश में पहले पायदान पर पहुंच चुका है। सरकार जानबूझकर खाकी को हिंसा के रास्ते पर धकेल रही है, जो लोकतंत्र और न्याय प्रणाली के लिए बेहद खतरनाक है।



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