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'भागो नहीं तो...': अवैध बांग्लादेशियों को CM शुभेंदु की खुली चेतावनी

by on | 2026-05-26 19:35:20

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'भागो नहीं तो...': अवैध बांग्लादेशियों को CM शुभेंदु की खुली चेतावनी

कोलकाता/बसीरहाट | पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ राज्य सरकार ने अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उत्तर 24 परगना के हाकिमपुर बॉर्डर पर जुटे कथित अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, "जल्दी-जल्दी भागो, नहीं तो जो करना है सरकार करेगी।"

उत्तर 24 परगना जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार अब घुसपैठियों पर राज्य की जनता का पैसा बर्बाद नहीं करेगी।

'वोट बैंक नहीं, देशहित सर्वोपरि'

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून पहले भी था, लेकिन वोट बैंक की राजनीति के कारण इसे लागू नहीं किया गया।

"हम अवैध रूप से रह रहे लोगों को जेलों में रखकर खिलाना-पिलाना नहीं चाहते। इससे पश्चिम बंगाल के नागरिकों के अधिकारों का हनन हो रहा है। हम राजनीति से ऊपर उठकर देश और राज्य के हित में कड़े फैसले ले रहे हैं।"

- शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री (पश्चिम बंगाल)


क्या है 'डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट' नीति?

राज्य सरकार ने घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए एक त्रि-स्तरीय रणनीति अपनाई है:

- डिटेक्ट : अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करना।

- डिलीट : अवैध तरीकों से बनाए गए दस्तावेजों और वोटर लिस्ट से नाम हटाना। 

- डिपोर्ट : कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके देश वापस भेजना |

इस नीति के तहत राज्य के सभी जिलों में होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं, जहाँ डिपोर्टेशन (निर्वासन) की प्रक्रिया पूरी होने तक इन नागरिकों को रखा जा रहा है।

हाकिमपुर बॉर्डर पर उमड़ी भीड़, मुर्शिदाबाद में पहली कार्रवाई

सरकार की इस सख्ती का असर जमीन पर दिखने लगा है। बसीरहाट उपखंड के हाकिमपुर चेकपोस्ट पर पिछले दो दिनों में 100 से अधिक बांग्लादेशी नागरिक (महिलाएं, पुरुष और बच्चे) बैग, बिस्तर और घरेलू सामान के साथ अपने देश लौटने के लिए जमा हो गए हैं। यह स्थिति पिछले साल विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान दिखी हलचल की याद दिलाती है।

दूसरी ओर, मुर्शिदाबाद में बने नए होल्डिंग सेंटर में तीन संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को रखे जाने की पुष्टि अधिकारियों ने की है। इस सेंटर पर चौबीसों घंटे भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है और इसकी रिपोर्ट राज्य गृह विभाग को भेज दी गई है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि जो लोग वापस जाना चाहते हैं, उनके निर्वासन की प्रक्रिया को तुरंत तेज किया जाए।



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