ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
अंतरराष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय

वोल्वो मुख्यालय जाएंगे पीएम मोदी, कल से शुरू होगा नॉर्वे का ऐतिहासिक दौरा; 43 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री पहुंचेगा ओस्लो

by on | 2026-05-17 19:29:49

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3032


वोल्वो मुख्यालय जाएंगे पीएम मोदी, कल से शुरू होगा नॉर्वे का ऐतिहासिक दौरा; 43 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री पहुंचेगा ओस्लो

गोथेनबर्ग | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने विदेश दौरे के तीसरे चरण में स्वीडन के गोथेनबर्ग  पहुँचे। स्वीडन की धरती पर कदम रखते ही दोनों देशों के बीच के मजबूत रणनीतिक और रक्षा संबंधों की एक भव्य झलक देखने को मिली। स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने खुद एयरपोर्ट पर मौजूद रहकर पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।


 आसमान में ग्रिपेन जेट्स की सलामी और सड़कों पर जनसैलाब

- सैन्य अगवानी: जब प्रधानमंत्री मोदी का विमान स्वीडन के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, तो स्वीडिश वायुसेना के अत्याधुनिक ग्रिपेन (Gripen) लड़ाकू विमानों ने उनके विमान (एयरफोर्स वन) को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया और लैंडिंग तक उसे एस्कॉर्ट किया।

- प्रवासियों का उत्साह: गोथेनबर्ग की सड़कों पर भारतीय प्रवासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 'मोदी-मोदी' के नारों के बीच प्रधानमंत्री ने गाड़ी से हाथ हिलाकर प्रवासियों का आत्मीयता से अभिवादन किया।


वोल्वो मुख्यालय का दौरा और ग्रीन टेक पर मंथन

पीएम मोदी अपने इस दो दिवसीय (17-18 मई) दौरे के दौरान स्वीडन के मशहूर वोल्वो (Volvo) समूह के मुख्यालय जाएंगे।

- वोल्वो ग्रुप के सीटीओ जेंस होल्टिंगर ने इस यात्रा को बड़ा सम्मान बताते हुए कहा कि भारत में उनका दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेंटर है, जहाँ 5,000 कर्मचारी काम करते हैं।

- दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार, ग्रीन ट्रांजिशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और रक्षा सौदों पर उच्च स्तरीय बैठकें होंगी।

- पीएम मोदी यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' को भी संबोधित करेंगे।


अगला पड़ाव नॉर्वे: 43 वर्षों का सूखा होगा खत्म

स्वीडन के बाद 18-19 मई को प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे की अपनी पहली और ऐतिहासिक आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे:

- 43 साल बाद यात्रा: नॉर्वे में भारत की राजदूत ग्लोरिया गंगटे ने बताया कि यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा है।

- $100 बिलियन का मौका: यह यात्रा भारत-EFTA-TEPA (व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता) के लागू होने के बाद हो रही है। इस समझौते के तहत ईएफटीए देश अगले 15 सालों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश करेंगे, जिससे 10 लाख रोजगार पैदा होंगे।

- शाही मुलाकात: ओस्लो में पीएम मोदी नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्या से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।


यूरोप के साथ भारत की नई रणनीतिक बिसात 

प्रधानमंत्री मोदी का यह नॉर्डिक दौरा केवल कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे आर्थिक और तकनीकी हित छिपे हैं। भारत इस समय रक्षा और सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भर होने की कोशिश कर रहा है, और स्वीडन की रक्षा तकनीक व नॉर्वे की हरित तकनीक (Green Tech) इसमें बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। विशेष रूप से ईएफटीए समझौते के तहत आने वाला निवेश भारत के घरेलू विनिर्माण क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment