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दालमंडी में 'सिस्टम' का हथौड़ा! 11वां मकान जमींदोज, प्रशासन का कड़ा प्रहार

by on | 2026-01-14 21:56:04

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दालमंडी में 'सिस्टम' का हथौड़ा! 11वां मकान जमींदोज, प्रशासन का कड़ा प्रहार


वाराणसी (दालमंडी): बाबा की नगरी में बुलडोजर महाअभियान जारी है। दालमंडी सड़क चौड़ीकरण की राह में रोड़ा बन रहे भवनों को एक-एक कर हटाया जा रहा है। मंगलवार को प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए 11वें भवन को मलबे में तब्दील कर दिया। मुनादी हुई, चेतावनी दी गई और फिर गरज उठा सरकारी तंत्र का बुलडोजर!

दालमंडी में 'एक्शन' मोड में VDA

दालमंडी की तंग गलियों को नया रूप देने के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने कमर कस ली है। प्रशासन की लिस्ट में 22 मकान अवैध पाए गए हैं, जिनमें से मंगलवार को 'साजु' नामक व्यक्ति के तीन मंजिला इमारत पर गाज गिरी।

धराशायी हुए भवन का प्रोफाइल:

 * स्वरूप: तीन मंजिला विशाल भवन।

 * उपयोग: ग्राउंड फ्लोर पर सजी थीं दुकानें, पहले तल पर था गोदाम।

 * कारोबार: कड़ाके की ठंड के बीच यहाँ हो रही थी गर्म कपड़ों की जमकर बिक्री।

मुनादी से मची खलबली, दोपहर में चला 'प्रहार'

सुबह होते ही इलाके में ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी कराई गई। दुकानदारों को साफ चेतावनी थी—"सामान हटा लो, वरना कार्रवाई होगी।" इसके बावजूद जब दोपहर 2 बजे टीम पहुंची, तो कुछ दुकानें खुली मिलीं। फिर क्या था? अफसरों के सख्त निर्देश पर दुकानों को तत्काल खाली कराकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।

भारी फोर्स के साथ घेराबंदी

प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था। दालमंडी जैसे संवेदनशील इलाके में शांति व्यवस्था के लिए फोर्स की 'दीवार' खड़ी कर दी गई थी:

 * कमान: एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा और VDA जोनल अधिकारी रविंद्र प्रकाश ने मोर्चा संभाला।

 * सुरक्षा चक्र: एसीपी दशाश्वमेघ डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी के साथ भारी संख्या में सिविल पुलिस, पीएसी (PAC) और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात रहे।

बेबाक24 की बेबाक राय

> "विकास की राह में अतिक्रमण का अंत निश्चित है। दालमंडी चौड़ीकरण योजना न केवल पर्यटन बल्कि स्थानीय लोगों की सहूलियत के लिए भी जरूरी है। हालांकि, छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी का सवाल भी अपनी जगह कायम है, लेकिन प्रशासन के 'अवैध घोषित' टैग के आगे अब किसी की नहीं चल रही।"




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