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भारत निर्वाचन आयोग: मतदाता सूची का शुद्धिकरण, चार राज्यों से 2 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए

by admin@bebak24.com on | 2025-12-23 21:28:14

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भारत निर्वाचन आयोग: मतदाता सूची का शुद्धिकरण, चार राज्यों से 2 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए

नई दिल्ली/भोपाल | भारत निर्वाचन आयोग ने 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के बाद मध्य प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और गुजरात की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। मतदाता सूची को पारदर्शी और सटीक बनाने के इस अभियान में बड़े पैमाने पर विसंगतियां सामने आई हैं, जिसके चलते करोड़ों अपात्र मतदाताओं के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं।


मध्य प्रदेश: 42 लाख से अधिक वोटर सूची से बाहर

मध्य प्रदेश में 4 नवंबर से 18 दिसंबर 2025 तक चले गणना चरण के बाद मंगलवार को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की गई।

हटाए गए नाम: कुल 42,74,160 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

प्रमुख कारण: इसमें 31.51 लाख मतदाता अनुपस्थित या स्थानांतरित पाए गए, 8.46 लाख मतदाता मृत मिले और 2.77 लाख नाम डुप्लीकेट (एक से अधिक स्थान पर) पाए गए।

मैपिंग की चुनौती: राज्य में 8.65 लाख मतदाताओं की 'मैपिंग' (ब्लड रिलेशन पहचान) अभी बाकी है, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या इंदौर (1.33 लाख) और भोपाल (1.16 लाख) में है।


दक्षिण भारत और गुजरात में भी बड़ी कटौती

आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण भारतीय राज्यों और गुजरात में भी मतदाताओं की संख्या में भारी कमी आई है:

1. तमिलनाडु

  • हटाए गए मतदाताओं की संख्या: 97.37 लाख

  • वर्तमान वैध मतदाता: 5.43 करोड़

2. गुजरात

  • हटाए गए मतदाताओं की संख्या: 73.73 लाख

  • वर्तमान वैध मतदाता: 4.34 करोड़

3. केरल

  • हटाए गए मतदाताओं की संख्या: 24.80 लाख

  • वर्तमान वैध मतदाता: 2.54 करोड़

    केरल का विवरण: केरल के मुख्य चुनाव आयुक्त रतन केलकर ने बताया कि हटाए गए 24 लाख नामों में से 6.49 लाख मृत, 8.21 लाख स्थानांतरित और 6.45 लाख मतदाता मौके पर नहीं मिले। 


    चेन्नई और इंदौर बने 'हॉटस्पॉट'

    तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में सबसे बड़ी कटौती देखी गई, जहां 14.25 लाख नाम हटाए गए। वहीं मध्य प्रदेश के इंदौर में सबसे ज्यादा 1.75 लाख मतदाता अपने पते पर अनुपस्थित पाए गए। डुप्लीकेट मतदाताओं के मामले में मध्य प्रदेश का बुरहानपुर (23,594) शीर्ष पर रहा।


    आम जनता के लिए महत्वपूर्ण तिथियां

    निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक 'प्रारूप' (Draft) सूची है। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम कट गया है, तो वे अभी भी आवेदन कर सकते हैं:

    - दावा-आपत्ति की अवधि: 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक।

    - कहाँ देखें सूची: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट, पंचायत भवन या नगरीय निकाय कार्यालयों में।

     - नए मतदाता: जो युवा 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष के हो रहे हैं, वे 'प्रपत्र-6' भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।

    आयोग का संकल्प: "हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित न रहे और सूची पूरी तरह त्रुटिहीन हो। बिना उचित विधिक प्रक्रिया के किसी भी नाम को स्थायी रूप से नहीं हटाया जाएगा।"



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