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सोनभद्र में 'जमीन का खेल': घोरावल नगर पंचायत में अरबों की भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप

by admin@bebak24.com on | 2025-12-16 16:31:55

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सोनभद्र में 'जमीन का खेल': घोरावल नगर पंचायत में अरबों की भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप

अजय सिंह

अध्यक्ष और ईओ पर सांठगांठ का संदेह, करोड़ों की आबादी भूमि निजी हाथों में देने की शिकायत

सोनभद्र, । ​सोनभद्र जनपद की नगर पंचायत घोरावल में अरबों रुपये की सरकारी जमीन को निजी लोगों के हाथों में सौंपने का गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय सभासदों और पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ने सीधे तौर पर नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (EO) पर सांठगांठ करके बीते तीन सालों में सैकड़ों करोड़ रुपए की जमीन का वारा न्यारा करने का आरोप लगाया है।

पुरानी थाना भूमि पर कब्ज़ा

​मामले का मुख्य केंद्र घोरावल नगर पंचायत क्षेत्र के मध्य स्थित डेढ़ बीघा आबादी की जमीन है, जिसकी कीमत अरबों में आंकी जा रही है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि इस भूमि पर वर्ष 1856 में पुलिस थाना बना था। स्थानीय पूर्वजों ने यह जमीन थाना निर्माण के लिए दी थी।

​शिकायती पत्र के अनुसार, आराजी संख्या 378स पर स्थित इस पुरानी थाना भवन प्रांगण में बने सभी कमरों और दीवारों को कुछ स्थानीय लोगों की मिलीभगत से बाहरी अराजक तत्वों द्वारा धीरे-धीरे ध्वस्त कर दिया गया है। आज यह पूरी जगह मलबे में तब्दील हो चुकी है, जिस पर अब निजी लोग निर्माण कर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।

जनप्रतिनिधि और अधिकारियों पर आरोप

​पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश सिंह और कई सभासदों ने जिलाधिकारी (DM) बद्री नाथ सिंह से मिलकर यह शिकायत की है। उनका आरोप है कि घोरावल नगर पंचायत क्षेत्र में 'जिसका कब्ज़ा, उसकी ज़मीन' की कहानी चल रही है, जिसका फायदा उठाते हुए कुछ लोग अवैध रूप से सरकारी भूमि पर कब्ज़ा कर रहे हैं।

​विरोध कर रहे स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत विभाग इस पूरे खेल में मूकदर्शक बना हुआ है, जिसकी संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने पूर्व में भी राजस्व और नगर पंचायत प्रशासन को शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

​शिकायतकर्ताओं ने डीएम से तुरंत संज्ञान लेकर करोड़ों रुपये की राजस्व संपत्ति को बचाने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।



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