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अपराध के विरुद्ध युद्ध: गाजीपुर से वाराणसी तक 'सख्त' IPS वैभव कृष्ण

by admin@bebak24.com on | 2025-12-13 14:19:46

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अपराध के विरुद्ध युद्ध: गाजीपुर से वाराणसी तक 'सख्त' IPS वैभव कृष्ण

santosh rai

​वाराणसी। उत्तर प्रदेश कैडर के 2010-बैच के आईपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण अपनी ईमानदार और निडर कार्यशैली के कारण पुलिस महकमे में अलग पहचान रखते हैं। वर्तमान में, उन्हें डीआईजी रेंज वाराणसी की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। यह माना जा रहा है कि सरकार ने उन्हें यह दायित्व क्षेत्र में संगठित अपराध और माफियाओं के बचे हुए नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने के लिए दिया है।

​आईपीएस कृष्ण, जिन्होंने आईआईटी रुड़की से बी.टेक (मैकेनिकल) की पढ़ाई की है, अपने पूरे करियर में अपराधियों के लिए काल साबित हुए हैं। उनकी कार्यशैली का उदाहरण उनके एसपी गाजीपुर कार्यकाल में देखने को मिला।

​गाजीपुर में माफियाओं पर नकेल

​एसपी गाजीपुर के रूप में, वैभव कृष्ण ने अपराधियों की 'चूल हिलाकर रख दी' थी। शेरपुर खुर्द में हुए बसपा नेता की हत्या का उन्होंने न केवल सफलतापूर्वक खुलासा किया, बल्कि माफिया के शूटर अंगद राय और उसके गैंग पर कठोर कार्रवाई की। इतना ही नहीं, जब उन्होंने सैदपुर के एक बाहुबली के  भट्ठे पर धावा बोला, तो उस बाहुबली को भागने में अपनी धोती तक नहीं संभालने दी।

​मुख्तार अंसारी के करीबी कार्पोरेट माफिया अतुल राय से उनका आमना-सामना जमानियां में चुनाव लड़ने की तैयारी के दौरान हुआ। दर्जनों लग्जरी गाड़ियों और राइफलधारी सुरक्षाकर्मियों से लैस अतुल राय के एसपी वैभव कृष्ण के सख्त तेवरों के सामने 'पसीने छूट गए' (सहमे) थे।

​एक और नाटकीय घटनाक्रम में, कोर्ट में एक अपराधी को हाजिर कराने के लिए जुटे लोगों की सूचना पर जब वैभव कृष्ण खुद एक्शन में आए, तो माफिया के भाई का साला टुनन्नू मामा बुर्का पहनकर भाग निकला। इस कार्रवाई में भीम सिंह का रिश्तेदार टेलिस्कोप लगी राइफल के साथ पकड़ा गया था।

नोएडा और आज़मगढ़ में भी दमदार उपस्थिति

​एसएसपी नोएडा रहते हुए उन्होंने संगठित अपराध पर सख्त कार्यवाही के लिए प्रशंसा बटोरी।

​डीआईजी आज़मगढ़ के रूप में, उन्होंने बलिया में तड़के एक ऑपरेशन में पुलिस तंत्र में फैले एक उगाही रैकेट का भंडाफोड़ कर पुलिसिंग की सफाई का कड़ा संदेश दिया।

​महा कुंभ मेला में कुशल नेतृत्व

​अपनी प्रशासनिक कुशलता का परिचय देते हुए, उन्होंने महा कुंभ मेला, प्रयागराज (2025) जैसे विशाल आयोजन में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की चुनौती को बड़ी कुशलता से संभाला।

वर्तमान में डीआईजी वाराणसी रेंज

​मई 2025 से, वह डीआईजी वाराणसी रेंज के रूप में तैनात हैं। उन्हें अनुशासित पुलिसिंग, जन-केंद्रित कार्यशैली और शांत नेतृत्व के लिए सराहा जा रहा है। माना जा रहा है कि वाराणसी रेंज में उनकी 'सटीक कार्यवाही' आगे भी जारी रहेगी।

​अगली कार्रवाई क्या होगी?

​क्षेत्र में माफिया की बेनामी सम्पत्तियो , दबे-छिपे माफिया नेटवर्क को उखाड़ फेंकने की जिम्मेदारी के साथ, डीआईजी वैभव कृष्ण के कार्यकाल में संगठित अपराध पर बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की उम्मीद है। उनके पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि अपराधियों के लिए अब 'बचने की कोई गुंजाइश नहीं' होगी।



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