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अंकिता भंडारी केस: माता-पिता रिहा, पिता की देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

by on | 2026-10-15 13:24:29

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अंकिता भंडारी केस: माता-पिता रिहा, पिता की देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर रातभर प्रदर्शन के बाद पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। बाद में करीब 2 घंटे बाद अंकिता के माता-पिता को रिहा कर दिया गया। बेटी को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा।

सुबह 3:45 बजे हिरासत में लिया

जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ सुबह 3:45 बजे कार्रवाई करते हुए अंकिता के माता-पिता, विपक्षी नेताओं और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। उन्हें तिलक मार्ग थाने ले जाया गया। अंकिता के माता-पिता को सुबह करीब 6 बजे छोड़ दिया गया।

पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि उनकी बेटी को न्याय मिलने तक विरोध जारी रहेगा। परिवार की प्रमुख मांग है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

राष्ट्रपति से भी लगाई गुहार

अंकिता के माता-पिता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। परिवार का कहना है कि हत्याकांड से जुड़े सवालों की जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम के राज्यपाल की जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए।

परिवार के अनुसार, 12 अक्टूबर को दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की खबर सामने आने के बाद विरोध शुरू हुआ। अंकिता की मां सोनी देवी ने भी प्रदर्शन के दौरान भावुक होकर राष्ट्रपति से न्याय दिलाने के लिए कदम उठाने की अपील की।

राहुल और प्रियंका गांधी ने की मुलाकात

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी इंडिया गेट पहुंचे। उन्होंने अंकिता की मां सोनी देवी और पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी से मुलाकात कर उनकी मांगें सुनीं।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि पार्टी अंकिता को न्याय दिलाने की मांग के साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने से न्याय की लड़ाई नहीं रुकेगी। प्रदर्शन में पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत और सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना भी शामिल हुए।

नियुक्ति पर रोक की मांग क्यों?

परिवार का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे। इसलिए सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाई जानी चाहिए। फिलहाल परिवार की मांग और नियुक्ति को लेकर विवाद जारी है।

बेबाक24 टेक

अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली में हुआ प्रदर्शन अब दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग से भी जुड़ गया है। पुलिस ने अंकिता के माता-पिता को रिहा कर दिया है, लेकिन परिवार ने स्पष्ट किया है कि न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।



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