ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
खेल खेल

एशियन गेम्स में भारत का अभियान: 85 पदक, चौथा स्थान; इन खेलों ने बढ़ाया मान, यहां रही कमी

by on | 2026-10-04 14:10:42

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3112


एशियन गेम्स में भारत का अभियान: 85 पदक, चौथा स्थान; इन खेलों ने बढ़ाया मान, यहां रही कमी

आइची नागोया | बेबाक24 न्यूज़

आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत का अभियान 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर समाप्त हुआ। भारत हांगझोउ एशियाई खेलों के 107 पदकों के आंकड़े को पीछे नहीं छोड़ सका, लेकिन अंतिम दो दिनों में 11 स्वर्ण पदक जीतकर टीम ने शानदार वापसी की और शीर्ष चार में जगह बनाए रखी।

टीम स्पर्धाओं में दिखा दम

भारत के लिए क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी सबसे मजबूत टीम स्पर्धाओं में रहे। पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने स्वर्ण जीता। पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में मलयेशिया को 5-1 से हराकर लगातार दूसरी बार स्वर्ण अपने नाम किया।

कबड्डी में भी भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीते। इन सफलताओं ने अंतिम चरण में भारत की पदक तालिका को मजबूत किया।

तीरंदाजी ने दिलाए 5 स्वर्ण

तीरंदाजी भारत के स्वर्ण अभियान का बड़ा आधार रही। इस खेल में भारत ने 5 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य समेत 9 पदक जीते।

कुमकुम अनिल मोहोद ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व में स्वर्ण जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उन्होंने महिला टीम में भी स्वर्ण और मिश्रित टीम में रजत पदक जीता।

मुक्केबाजी और कुश्ती में शानदार प्रदर्शन

मुक्केबाजी में भारत ने 3 स्वर्ण और 3 कांस्य समेत 6 पदक जीते। लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने स्वर्ण पदक जीते।

कुश्ती में भारत ने 2 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य सहित 6 पदक हासिल किए। अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीतकर भारत के अभियान को मजबूती दी।

एथलेटिक्स में पदक अधिक, स्वर्ण कम

एथलेटिक्स भारत के लिए सबसे अधिक पदक लाने वाले खेलों में रहा। यहां भारत ने 24 पदक जीते, लेकिन स्वर्ण केवल 1 रहा। महिलाओं की 4x400 मीटर रिले ने स्वर्ण दिलाया।

हांगझोउ में एथलेटिक्स से भारत को 6 स्वर्ण मिले थे। इस बार स्वर्ण पदकों की संख्या में बड़ी गिरावट रही। हालांकि गुलवीर सिंह ने 1500, 5000 और 10000 मीटर में 2 रजत और 1 कांस्य जीतकर शानदार निरंतरता दिखाई।

निशानेबाजी में पिछली सफलता नहीं दोहरा सका भारत

निशानेबाजी में भारत ने 3 स्वर्ण, 8 रजत और 4 कांस्य समेत 15 पदक जीते, लेकिन हांगझोउ के प्रदर्शन की बराबरी नहीं कर सका। पिछली बार भारत ने इस खेल में 7 स्वर्ण जीते थे।

मनु भाकर इस बार कोई पदक नहीं जीत सकीं। हालांकि नीरू ढांडा ने 2 स्वर्ण और 1 रजत जीतकर भारत के निशानेबाजी अभियान को संभाला।

बैडमिंटन में निराशा

बैडमिंटन भारत की कमजोर कड़ियों में रहा। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारत एक भी पदक नहीं जीत सका। पूरे खेल में भारत के खाते में केवल पुरुष टीम का कांस्य पदक आया।

हांगझोउ में भारत ने बैडमिंटन में 3 पदक जीते थे और पहली बार स्वर्ण भी हासिल किया था। इस लिहाज से जापान में प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।

भारत के प्रमुख 10 खिलाड़ी

1. कुमकुम अनिल मोहोद — 2 स्वर्ण और 1 रजत के साथ तीरंदाजी में भारत की बड़ी पदक विजेता रहीं।

2. नीरू ढांडा — निशानेबाजी में 2 स्वर्ण और 1 रजत जीतकर भारत को अहम पदक दिलाए।

3. प्रणवी उर्स — महिला व्यक्तिगत गोल्फ में स्वर्ण जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और टीम स्पर्धा में रजत में भी योगदान दिया।

4. यशवीर सिंह — भाला फेंक में 85.72 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता।

5. गुलवीर सिंह — 1500, 5000 और 10000 मीटर में 3 पदक जीतकर एथलेटिक्स में निरंतरता दिखाई।

6. रोहित यादव — 84.35 मीटर के प्रदर्शन के साथ भाला फेंक में कांस्य जीता और यशवीर के साथ भारत को दोहरे पदक दिलाए।

7. अमन सहरावत — 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में स्वर्ण जीतकर भारत की कुश्ती को मजबूती दी।

8. विथ्या रामराज — 400 मीटर बाधा दौड़ में 43 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा और 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं।

9. कमलजीत — 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में सुरूचि सिंह के साथ स्वर्ण जीता।

10. अभिषेक शर्मा — पाकिस्तान के खिलाफ स्वर्ण पदक मुकाबले में 28 गेंदों पर 61 रन की तेज पारी खेलकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।

85 पदकों से क्या सीख मिली?

भारत का प्रदर्शन न तो पूरी तरह निराशाजनक रहा और न ही हांगझोउ जैसा रहा। कुल 107 से घटकर 85 पदक होना गिरावट है, लेकिन 21 स्वर्ण और चौथा स्थान यह भी दिखाता है कि भारत एशिया की शीर्ष खेल शक्तियों में बना हुआ है।

टीम स्पर्धाओं, तीरंदाजी, मुक्केबाजी और कुश्ती में भारत की मजबूती सामने आई, जबकि एथलेटिक्स और निशानेबाजी में स्वर्ण की कमी खली। अंतिम दो दिनों में 11 स्वर्ण जीतना अभियान की सबसे बड़ी मजबूती रही, लेकिन अगली चुनौती पूरे आयोजन के दौरान इसी स्तर का प्रदर्शन बनाए रखने की होगी।

बेबाक24 टेक

एशियाई खेलों में 85 पदकों के साथ चौथा स्थान भारत के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आया। कुछ खेलों में खिलाड़ियों ने नए इतिहास रचे, जबकि कुछ मजबूत क्षेत्रों में प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा। सबसे बड़ी सीख यही है कि अंतिम दिनों की शानदार वापसी के साथ-साथ पूरे अभियान में निरंतरता बनाए रखना जरूरी होगा।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment