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पंजाब में भाजपा-कांग्रेस ने बदले प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी, 2027 में होगी नई जोड़ी की परीक्षा

by on | 2026-10-04 14:10:01

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पंजाब में भाजपा-कांग्रेस ने बदले प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी, 2027 में होगी नई जोड़ी की परीक्षा

चंडीगढ़ | बेबाक24 न्यूज़

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने अपने प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारियों में बदलाव किया है। भाजपा ने डॉ. सतीश पूनिया को नया प्रभारी और केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। वहीं कांग्रेस ने सचिन पायलट को प्रभारी और ओलंपियन परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।

अब दोनों दलों के नए नेतृत्व के सामने 2027 के विधानसभा चुनाव में संगठन को मजबूत करने और बेहतर चुनावी प्रदर्शन की चुनौती होगी।

भाजपा के सामने संगठन और गठबंधन की चुनौती

केवल सिंह ढिल्लों के सामने प्रदेश संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने, जिला और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने तथा पुराने और नए नेताओं के बीच तालमेल बनाने की जिम्मेदारी होगी। पार्टी को सभी 117 विधानसभा सीटों पर मजबूत स्थानीय नेतृत्व तैयार करना होगा।

वहीं डॉ. सतीश पूनिया केंद्रीय नेतृत्व के प्रतिनिधि के तौर पर चुनावी रणनीति, संगठन की समीक्षा, बूथ प्रबंधन और चुनावी रूपरेखा पर नजर रखेंगे। उन्होंने पंजाब में सभी 117 सीटों पर भाजपा के अपने दम पर चुनाव लड़ने की बात कही है।

हालांकि, शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन को लेकर अटकलें जारी हैं। अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, गठबंधन की जरूरत है या नहीं, इस पर नए प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष की समीक्षा के बाद निर्णय लिया जा सकता है।

कांग्रेस के सामने गुटबाजी खत्म करने की चुनौती

कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट और प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह के सामने पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान को खत्म कर वरिष्ठ नेताओं को एक मंच पर लाने की चुनौती होगी। पायलट के सामने मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के बीच संतुलन बनाने की भी जिम्मेदारी होगी।

पायलट संकेत दे चुके हैं कि फिलहाल सामूहिक रूप से चुनाव जीतना प्राथमिकता होगी और नेतृत्व का फैसला बाद में किया जाएगा।

परगट सिंह के सामने संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने तथा टिकट वितरण में संतुलन कायम करने की चुनौती है। कांग्रेस को मालवा, माझा और दोआबा, तीनों क्षेत्रों में बेहतर तालमेल बनाना होगा।

वर्ष 2022 में 18 सीटों पर सिमटी कांग्रेस के लिए संगठनात्मक एकजुटता को चुनावी सीटों में बदलना दोनों नेताओं की सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

बेबाक24 टेक

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस ने संगठन की कमान नए नेतृत्व को सौंपी है। अब दोनों दलों के प्रदेश अध्यक्षों और प्रभारियों के सामने संगठन को मजबूत करने, नेताओं-कार्यकर्ताओं में समन्वय बनाने और चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने की चुनौती होगी।



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