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उमर कैबिनेट विस्तार: नेकां का कांग्रेस को फिर ऑफर, अधिकतम 9 मंत्री बन सकते हैं

by admin@bebak24.com on | 2026-08-27 12:30:36

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उमर कैबिनेट विस्तार: नेकां का कांग्रेस को फिर ऑफर, अधिकतम 9 मंत्री बन सकते हैं

श्रीनगर | बेबाक24 न्यूज़

जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने कांग्रेस को एक बार फिर सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है। कांग्रेस अब प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद इस पर अंतिम फैसला लेगी।

कांग्रेस को फिर मिला सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, नेकां नेतृत्व ने पार्टी के जम्मू-कश्मीर प्रभारी सैयद नसीर हुसैन के सामने सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव रखा है। हुसैन ने इस मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान से विचार-विमर्श के बाद जवाब देने की बात कही है।

जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के बीच भी इस प्रस्ताव को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी का कहना है कि अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व ही लेगा।

कांग्रेस का पुराना रुख क्या है?

कांग्रेस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल होने तक वह सरकार में शामिल नहीं होगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने इसे पार्टी का सैद्धांतिक रुख बताया था।

हालांकि, नेकां के साथ कांग्रेस का गठबंधन जारी है और पार्टी सरकार को बाहर से समर्थन देती रही है। ऐसे में अब मंत्रिमंडल विस्तार से पहले कांग्रेस के सामने सरकार में शामिल होने या मौजूदा रुख कायम रखने का विकल्प है।

अधिकतम 9 मंत्री हो सकते हैं

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के प्रावधानों के तहत केंद्र शासित प्रदेश में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 9 मंत्री हो सकते हैं। फिलहाल सरकार सीमित मंत्रिमंडल के साथ काम कर रही है।

नेकां नेताओं का कहना है कि मंत्रिमंडल में विस्तार या फेरबदल मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का विशेषाधिकार है। मुख्यमंत्री पहले भी संकेत दे चुके हैं कि विस्तार सही समय आने पर किया जाएगा।

कई मंत्रियों पर काम का दबाव

मंत्रिमंडल विस्तार में देरी को लेकर नेकां सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में एक मंत्री के पास कई विभाग हैं, जिससे प्रशासनिक काम प्रभावित हो रहा है।

उनके मुताबिक, जिम्मेदारियां अधिक मंत्रियों में बांटने से विभागीय कामकाज बेहतर होगा और आम लोगों को भी इसका फायदा मिल सकता है।

अब कांग्रेस के फैसले पर नजर

मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कांग्रेस अपने पुराने रुख में बदलाव करेगी। नेकां की ओर से दोबारा मिले प्रस्ताव और संगठन के भीतर शुरू हुए मंथन के बाद आने वाले दिनों में सरकार की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

बेबाक24 नजर: उमर सरकार के सामने फिलहाल दोहरी चुनौती है—मंत्रिमंडल का विस्तार कर प्रशासनिक बोझ कम करना और गठबंधन के भीतर राजनीतिक संतुलन बनाए रखना। ऐसे में कांग्रेस का फैसला सरकार के अगले चरण की दिशा तय करने में अहम हो सकता है।



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