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नेपाल में बाढ़ की तबाही, 400 के करीब यात्री संपर्क से बाहर; 32 सदस्यीय भारतीय दल भी लापता

by admin@bebak24.com on | 2026-08-27 12:03:44

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नेपाल में बाढ़ की तबाही, 400 के करीब यात्री संपर्क से बाहर; 32 सदस्यीय भारतीय दल भी लापता

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए करीब 400 यात्रियों का संपर्क टूट गया है। इनमें बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की बताई जा रही है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गया 32 सदस्यीय कैलाश-मानसरोवर दल भी अब तक संपर्क से बाहर है।

नेपाल सरकार के अनुसार, बुधवार सुबह तिब्बत क्षेत्र में आए भूकंप के कुछ ही मिनट बाद बाढ़ आई। प्रारंभिक आकलन में आशंका जताई जा रही है कि भूकंप के झटकों के कारण ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा टूटने से अचानक भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर आया और नदी घाटी में तेज बाढ़ आ गई।

2000 फीट चौड़ा ग्लेशियर टूटा

अमेरिकी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 17000 फीट की ऊंचाई पर ग्लेशियर का लगभग 2000 फीट चौड़ा हिस्सा टूटकर करीब 4000 फीट नीचे गिरा। इसके बाद नदी में अचानक भारी जलप्रवाह आया और निचले इलाकों में तबाही फैल गई।

रसुवा के अधिकारियों के अनुसार, तिमुरे बाजार में पानी की तेज लहर बेहद तेजी से पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों ने इसे करीब 100 मीटर ऊंची पानी की दीवार जैसा बताया। बाढ़ में सड़कें, पुल, मकान और कई बुनियादी ढांचे बह गए।

22 पुल और 42 किलोमीटर सड़क बही

बाढ़ से रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिले सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 22 कंक्रीट पुल, 5 बेली पुल और करीब 42 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त या बह गई है। कई पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।

नेपाल सरकार ने रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग को 3 महीने के लिए आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

कोलकाता का 32 सदस्यीय दल संपर्क से बाहर

कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर निकला कोलकाता का 32 सदस्यीय दल भी रसुवागढ़ी में बाढ़ आने के बाद संपर्क से बाहर हो गया। दल में 30 यात्री और 2 टूर प्रबंधक शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार दल बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे रसुवागढ़ी पहुंचा था। उन्हें नेपाल-तिब्बत सीमा पार करनी थी, लेकिन इसी दौरान अचानक बाढ़ आ गई। टूर एजेंसी के मुताबिक, दल के प्रबंधकों से आखिरी बार सुबह करीब 8 बजे संपर्क हुआ था।

प्रभावित क्षेत्र में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण यात्रियों की सही स्थिति का पता लगाने में कठिनाई आ रही है। राहत दल और संबंधित एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हैं।

केरल के 37 पर्यटक सुरक्षित

केरल के कन्नूर जिले के 37 पर्यटक भी नेपाल में फंसे हैं। स्थानीय विधायक के अनुसार सभी सुरक्षित हैं, लेकिन बाढ़ के कारण वे आगे यात्रा नहीं कर पा रहे हैं और उनकी वापसी भी फिलहाल बाधित है। उनके परिजनों को उनकी स्थिति की जानकारी दे दी गई है।

कई राज्यों ने जारी की हेल्पलाइन

नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और सहायता के लिए कई राज्य सरकारों ने नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन शुरू की हैं। पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक समेत कई राज्यों की टीमें नेपाल के अधिकारियों और भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं।

भारत के नेपाल स्थित दूतावास ने भी प्रभावित भारतीयों के लिए सहायता नंबर जारी किए हैं। केंद्र और राज्य सरकारें फंसे यात्रियों की पहचान, स्थिति की जानकारी और सुरक्षित निकासी के लिए समन्वय कर रही हैं।

भारत ने नेपाल को हरसंभव मदद का भरोसा दिया

नेपाल में बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत कर संवेदना जताई है। भारत ने राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव मानवीय सहायता देने की पेशकश की है।

बेबाक24 निष्कर्ष: नेपाल की यह त्रासदी हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ और ग्लेशियर से जुड़े जोखिमों की गंभीर चेतावनी है। इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता संपर्क से बाहर यात्रियों की सुरक्षित तलाश, राहत अभियान तेज करना और प्रभावित इलाकों तक जरूरी सहायता पहुंचाना है।



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