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राजस्थान में स्कूलों के लिए नया आदेश, बाहरी लोगों की एंट्री और फोटो-वीडियो पर लगी रोक

by admin@bebak24.com on | 2026-08-17 15:55:43

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राजस्थान में स्कूलों के लिए नया आदेश, बाहरी लोगों की एंट्री और फोटो-वीडियो पर लगी रोक

जयपुर: राजस्थान के सरकारी स्कूलों में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच शिक्षा विभाग ने स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटो-वीडियोग्राफी को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के मुताबिक, प्रधानाचार्य या संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति के बिना किसी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

यह आदेश ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है।

बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश नहीं

माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि स्कूल परिसर में आने वाले बाहरी लोगों को पहले विजिटर रजिस्टर में अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी।

कक्षा, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, छात्रावास और शौचालय जैसे स्कूल के अलग-अलग हिस्सों में भी बिना अनुमति प्रवेश नहीं किया जा सकेगा। ऐसे स्थानों पर जाने के लिए अधिकृत शिक्षक या अधिकारी की मौजूदगी जरूरी होगी।

फोटो और वीडियो के लिए भी लिखित अनुमति

शिक्षा विभाग ने केवल प्रवेश को ही नियंत्रित नहीं किया है, बल्कि स्कूल में फोटो, वीडियो, साक्षात्कार, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइव प्रसारण को लेकर भी नियम तय किए हैं।

आदेश के अनुसार, विद्यार्थियों और शिक्षकों की फोटो या वीडियो लेने तथा उनका साक्षात्कार करने के लिए प्रधानाचार्य या संस्था प्रधान की पूर्व लिखित अनुमति जरूरी होगी।

बच्चों की सुरक्षा और निजता का दिया हवाला

शिक्षा विभाग ने नए निर्देशों के पीछे विद्यार्थियों की सुरक्षा, गरिमा और निजता की रक्षा को मुख्य कारण बताया है।

विभाग का कहना है कि स्कूल परिसरों में अनधिकृत गतिविधियों को रोकना जरूरी है और इसके लिए प्रवेश तथा रिकॉर्डिंग की व्यवस्था को नियंत्रित किया गया है।

बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश करने या फोटो-वीडियोग्राफी करने की स्थिति में पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचना देने का प्रावधान भी किया गया है।

सीजेपी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बीच आया आदेश

शिक्षा विभाग का यह आदेश सीजेपी की ओर से सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर अभियान शुरू करने की घोषणा के बाद सामने आया है।

सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा कि उनके पास 9 जिलों के स्कूलों की स्थिति से जुड़ी शिकायतें पहुंची हैं और संगठन प्रदेशभर में स्कूलों का निरीक्षण करेगा।

सीजेपी का प्रस्तावित अभियान स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को सामने लाने पर केंद्रित बताया गया है।

कांग्रेस ने बताया ‘तानाशाही आदेश’

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार के आदेश का विरोध किया है। उन्होंने इसे ‘तानाशाही आदेश’ बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।

जूली ने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों की टूटी छतों, खराब भवनों और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं को दूर करने के बजाय उनकी वास्तविक स्थिति सामने आने से रोकना चाहती है।

उन्होंने चेतावनी दी कि आदेश वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस सविनय अवज्ञा आंदोलन करेगी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह ने भी सरकार पर पारदर्शिता से बचने का आरोप लगाया।

उनका कहना है कि स्कूलों की वास्तविक स्थिति को सामने आने से रोकने के बजाय सरकार को बुनियादी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

वहीं, शिक्षा विभाग का कहना है कि नए नियम स्कूलों में व्यवस्था बनाए रखने और विद्यार्थियों की सुरक्षा तथा निजता सुनिश्चित करने के लिए जारी किए गए हैं।

बेबाक24 न्यूज़: राजस्थान सरकार के नए आदेश ने स्कूलों की सुरक्षा और विद्यार्थियों की निजता के साथ-साथ पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज कर दी है। एक तरफ शिक्षा विभाग इसे सुरक्षा व्यवस्था का जरूरी कदम बता रहा है, वहीं कांग्रेस और सीजेपी इसे सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोकने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।



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