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प्रधानमंत्री मोदी कल अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर फहराएंगे 'भगवा ध्वज'

by admin@gmail.com on | 2025-11-24 23:02:54

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प्रधानमंत्री मोदी कल अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर फहराएंगे 'भगवा ध्वज'

अयोध्या/नई दिल्ली: 25 नवंबर, 2025 का दिन अयोध्या और पूरे देश के लिए एक और ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर लेकर आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल (मंगलवार) श्री राम जन्मभूमि मंदिर के 191 फीट ऊंचे शिखर पर पवित्र भगवा ध्वज फहराएंगे। यह अनुष्ठान राम मंदिर के निर्माण कार्य के पूर्ण होने और देश में सांस्कृतिक उत्सव और राष्ट्रीय एकता के एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक होगा।

 अभिजीत मुहूर्त में होगा ध्वजारोहण

पीएमओ के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी दोपहर करीब 12 बजे मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। इस कार्यक्रम को मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की शुभ पंचमी तिथि को रखा गया है, जो श्री राम और माता सीता की विवाह पंचमी के साथ-साथ अभिजीत मुहूर्त भी है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, यह मुहूर्त भगवान राम के जन्म के समय से जुड़ा है, जिससे इस आयोजन का धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

 'राम राज्य' के आदर्शों का प्रतीक

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक बयान में कहा कि यह पवित्र भगवा ध्वज केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि "गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश" देगा और "राम राज्य के आदर्शों" का प्रतीक बनेगा।

ध्वज की प्रमुख विशेषताएं (सामान्य पाठ प्रारूप)

भगवा ध्वज का रंग केसरिया है। इसका आकार समकोण त्रिभुजाकार है। यह ध्वज 10 फुट ऊँचा और 20 फुट लंबा होगा। इस पर एक दीप्तिमान सूर्य का चिह्न अंकित है, जो भगवान राम के तेज और वीरता का प्रतीक है। इसके अलावा, ध्वज पर 'ॐ' और कोविदार वृक्ष की तस्वीर भी अंकित है। इस ध्वज का महत्व भगवान राम की सूर्यवंशी परंपरा का प्रतिनिधित्व करना है।

यह ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर वास्तुशैली में निर्मित मंदिर के 'शिखर' पर फहराया जाएगा।

 प्रधानमंत्री का विस्तृत कार्यक्रम

अयोध्या में अपने प्रवास के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम आध्यात्मिक रूप से समृद्ध होगा। ध्वजारोहण से पहले वह:

 - माता अन्नपूर्णा मंदिर जाएंगे।

 - राम दरबार गर्भ गृह में दर्शन और पूजन करेंगे।

 - रामलला गर्भ गृह में दर्शन करेंगे।

 - सप्तमंदिर (महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, वाल्मीकि, देवी अहिल्या आदि से जुड़े मंदिर) जाएंगे।

अयोध्या में इस भव्य समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं तैयारियों का जायजा लिया है। सुरक्षा कारणों से 25 नवंबर को आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में प्रवेश बंद रहेगा, लेकिन आमंत्रित अतिथियों की एक लंबी सूची तैयार की गई है, जिसमें देश भर के विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

यह ध्वजारोहण समारोह उन सभी साधकों की आस्था का प्रतीक है, जिन्होंने इस मंदिर के निर्माण को साकार होते देखा है, और यह विश्व भर में सनातन धर्म की गौरवशाली पुनर्स्थापना की घोषणा करेगा।



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