ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
ताजा खबर ताजा खबर

काशी के खिलाफ 'AI साजिश' बेनकाब: फर्जी फोटो से फैलाया भ्रम, अब खाएंगे जेल की हवा!

by on | 2026-01-17 23:59:58

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3055


काशी के खिलाफ 'AI साजिश' बेनकाब: फर्जी फोटो से फैलाया भ्रम, अब खाएंगे जेल की हवा!

वाराणसी। काशी की अस्मिता और मणिकर्णिका घाट के विकास कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर 'प्रोपेगेंडा' चलाने वालों पर प्रशासन ने सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े तेवरों के बाद, वाराणसी पुलिस ने एआई (AI) जनरेटेड फर्जी तस्वीरों के जरिए भ्रम फैलाने वाले 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
​क्या है पूरा मामला?
​मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कुछ तस्वीरें वायरल की जा रही थीं। दावा किया गया कि रानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति और प्राचीन मढ़ी को नुकसान पहुंचाया गया है। लेकिन सच तो ये है कि ये तस्वीरें असली नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए रची गई एक गहरी साजिश का हिस्सा थीं।
​इन धाराओं में कसा गया शिकंजा
​GVS इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर मानो पंच्चामल की तहरीर पर थाना चौक में नामजद FIR दर्ज हुई है। पुलिस ने इन आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है:
​धारा 196: विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना।
​धारा 298/299: धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाना।
​धारा 353: सार्वजनिक शांति भंग करने के इरादे से गलत बयानबाजी।
​सोशल मीडिया पर 'विदेशी आक्रांता' वाली तुलना पड़ी भारी
​तहरीर में साफ कहा गया है कि @daksinapathpati नामक हैंडल से न केवल फर्जी तस्वीरें पोस्ट की गईं, बल्कि भारत सरकार की तुलना 'औरंगजेब' जैसे आक्रांता से कर दी गई। प्रशासन का मानना है कि यह सिर्फ एक पोस्ट नहीं, बल्कि काशी के सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने और सरकार की छवि धूमिल करने की एक सुनियोजित कोशिश थी।
​बेबाक टिप्पणी: विकास कार्य की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन तकनीक का सहारा लेकर इतिहास और आस्था के नाम पर झूठ परोसना अपराध है। काशी के कोतवाल और बाबा विश्वनाथ की नगरी में 'फेक न्यूज' के फैक्ट्री चलाने वालों को अब कानून का स्वाद चखना होगा।
​प्रशासन का कड़ा संदेश
​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने दौरे में पहले ही साफ कर दिया था कि रानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि डिजिटल दुनिया में बैठकर जो लोग काशी की मर्यादा से खिलवाड़ करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment