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पीएम मोदी के साथ लाल किले पर दिखीं कैप्टन रितिका खरेता कौन? सोनिया के नाम से क्यों हुआ भ्रम

by admin@bebak24.com on | 2026-08-17 14:23:18

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पीएम मोदी के साथ लाल किले पर दिखीं कैप्टन रितिका खरेता कौन? सोनिया के नाम से क्यों हुआ भ्रम

नई दिल्ली: 15 अगस्त 2026 को लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ध्वजारोहण में मदद करती नजर आईं महिला सैन्य अधिकारी को लेकर सोशल मीडिया पर पहचान का भ्रम पैदा हो गया। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में उन्हें कैप्टन सोनिया सिंह चौहान बताया गया, जबकि रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने की प्रक्रिया में सहायता करने वाली अधिकारी कैप्टन रितिका खरेता थीं।

रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी में रितिका खरेता का नाम पहले ही दर्ज था। ऐसे में उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर पीएम मोदी के साथ लाल किले पर मौजूद महिला अधिकारी की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट होती है।

सोशल मीडिया पर क्यों हुआ भ्रम?

स्वतंत्रता दिवस समारोह की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर महिला अधिकारी की पहचान को लेकर अलग-अलग दावे किए गए।

कुछ पोस्ट में कैप्टन सोनिया सिंह चौहान का नाम सामने आया, जबकि सरकारी जानकारी में कैप्टन रितिका खरेता को यह जिम्मेदारी सौंपे जाने की बात कही गई थी।

कुछ सोशल मीडिया दावों में यह भी कहा गया कि अंतिम समय में ड्यूटी में बदलाव हुआ था और इसी वजह से दोनों नामों को लेकर भ्रम पैदा हुआ। हालांकि, इस बदलाव के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

रक्षा मंत्रालय ने किसका नाम बताया?

रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी में स्पष्ट रूप से कैप्टन रितिका खरेता का नाम बताया गया था।

उनकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की प्रक्रिया में सहायता करना थी।

इसलिए सोशल मीडिया पर सामने आए दूसरे नामों के मुकाबले आधिकारिक रिकॉर्ड रितिका खरेता की पहचान की पुष्टि करता है।

कौन हैं कैप्टन रितिका खरेता?

कैप्टन रितिका खरेता भारतीय सेना की अधिकारी हैं और कोर ऑफ सिग्नल्स से जुड़ी हैं। उन्होंने जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस परेड में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी।

कर्तव्य पथ पर आयोजित उस परेड में उन्होंने कोर ऑफ सिग्नल्स की 146 जवानों वाली मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व किया था। वह उस टुकड़ी की नेतृत्वकर्ता महिला अधिकारी थीं।

उनके नेतृत्व में सेना की संचार और तकनीकी क्षमताओं से जुड़ी कोर ऑफ सिग्नल्स की टुकड़ी ने गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लिया था।

12 अधिकारियों के बीच चयन के बाद मिली थी कमान

गणतंत्र दिवस परेड में कोर ऑफ सिग्नल्स की मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व करने से पहले रितिका का चयन जबलपुर स्थित सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर में 12 अधिकारियों की चयन प्रक्रिया के बाद हुआ था।

इसके बाद उन्हें 146 जवानों वाली टुकड़ी की कमान सौंपी गई।

इस जिम्मेदारी ने सेना में उनके नेतृत्व कौशल और पेशेवर क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई।

दिल्ली में हुई पढ़ाई, सेना से पुराना पारिवारिक संबंध

रितिका खरेता दिल्ली की रहने वाली हैं। उन्होंने पुष्प विहार स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाई की थी और वह 2016 बैच की छात्रा रही हैं।

उनके पिता दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं और मां शिक्षिका हैं। परिवार में सैन्य सेवा की भी पुरानी पृष्ठभूमि रही है। उनके परदादा सेना में सेवा दे चुके हैं और उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था।

रितिका अपने परिवार से सेना में अधिकारी बनने वाली पहली सदस्य बताई जाती हैं।

महत्वपूर्ण समारोहों में रिजर्व अधिकारी क्यों होता है?

राष्ट्रीय स्तर के समारोहों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए वैकल्पिक या रिजर्व अधिकारियों की व्यवस्था रखना सामान्य प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है।

किसी अधिकारी की तबीयत, ड्यूटी या किसी अन्य कारण से अंतिम समय में बदलाव होने पर रिजर्व अधिकारी जिम्मेदारी संभाल सकता है। हालांकि, रितिका और सोनिया के नामों के बीच भ्रम के लिए अंतिम समय में ऐसी अदला-बदली हुई थी, यह दावा आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है।

पहले भी महिला अधिकारियों ने निभाई है यह जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री के साथ स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण की प्रक्रिया में महिला सैन्य अधिकारियों की भूमिका पहले भी रही है।

2020 में मेजर श्वेता पांडे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहायता की थी। 2021 में लेफ्टिनेंट कमांडर पी. प्रियंवदा साहू ने यह जिम्मेदारी निभाई थी।

2023 में मेजर निकिता नायर और मेजर जैस्मीन कौर ने ध्वजारोहण प्रक्रिया में प्रधानमंत्री का साथ दिया था, जबकि 2025 में भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ऑफिसर राशिका शर्मा इस जिम्मेदारी में शामिल थीं।

2026 में यह भूमिका कैप्टन रितिका खरेता ने निभाई।

क्या है पूरी तस्वीर?

सोशल मीडिया पर नाम को लेकर भले ही बहस हुई हो, लेकिन रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार 15 अगस्त 2026 को लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ध्वजारोहण में सहायता करने वाली अधिकारी कैप्टन रितिका खरेता थीं।

इसलिए कैप्टन सोनिया सिंह चौहान का नाम इस समारोह में प्रधानमंत्री के साथ मौजूद अधिकारी के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले दावे को आधिकारिक जानकारी का समर्थन नहीं मिलता।

बेबाक24 न्यूज़: स्वतंत्रता दिवस समारोह की तस्वीरों के बाद शुरू हुआ पहचान का भ्रम आधिकारिक जानकारी से काफी हद तक साफ हो जाता है। लाल किले पर पीएम मोदी के साथ ध्वजारोहण प्रक्रिया में मौजूद महिला अधिकारी कैप्टन रितिका खरेता थीं, जो पहले भी राष्ट्रीय स्तर के सैन्य समारोह में नेतृत्व की जिम्मेदारी निभा चुकी हैं।



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