नई दिल्ली: 15 अगस्त 2026 को दिल्ली के लाल क़िले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की गैर-मौजूदगी को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू हो गई है। दोनों नेता लगातार दूसरी बार इस समारोह में शामिल नहीं हुए।
भाजपा की ओर से इसे स्वतंत्रता दिवस समारोह का अपमान बताए जाने के सवाल पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
पवन खेड़ा ने क्या कहा?
एक पत्रकार ने पवन खेड़ा से सवाल किया कि भाजपा राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की गैर-मौजूदगी को स्वतंत्रता दिवस समारोह का अपमान बता रही है।
इसके जवाब में पवन खेड़ा ने कहा कि कुछ लोगों को हर चीज़ में अपमान नज़र आता है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई या स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया, स्वतंत्रता दिवस पर कौन नहीं गया, इसमें उन्हें अपमान नज़र आ रहा है, कमाल है भाई।”
लगातार दूसरी बार समारोह से दूरी
15 अगस्त 2026 को लाल क़िले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आयोजित मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे मौजूद नहीं थे।
दोनों नेता 2025 में भी लाल क़िले के समारोह में शामिल नहीं हुए थे। इससे पहले राहुल गांधी 2024 में स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए थे।
2024 में उनकी बैठने की जगह को लेकर भी राजनीतिक और मीडिया हलकों में चर्चा हुई थी।
स्वतंत्रता दिवस पर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़
एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले से अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों, विकसित भारत, नक्सलवाद, आत्मनिर्भरता और सुधारों पर जोर दिया। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों को लेकर अपने संदेश दिए।
राहुल गांधी ने अलग से देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आजादी को “जिम्मेदारी” बताया और सत्य, अहिंसा, संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा पर जोर दिया।
इस बीच लाल क़िले के समारोह में उनकी गैर-मौजूदगी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
बेबाक24 टेक: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की लगातार दूसरी बार लाल क़िले के स्वतंत्रता दिवस समारोह से गैर-मौजूदगी पर कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए पवन खेड़ा के जरिए तीखी प्रतिक्रिया दी है।