ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
राष्ट्रीय राष्ट्रीय

प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद पर साधा निशाना, बोले- ‘हथियारबंद नक्सल गए, अब दिमागी नक्सल चुनौती’

by admin@bebak24.com on | 2026-08-15 14:13:07

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3068


प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद पर साधा निशाना, बोले- ‘हथियारबंद नक्सल गए, अब दिमागी नक्सल चुनौती’

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से दिए अपने संबोधन में नक्सलवाद और माओवाद को देश के सामने दशकों पुरानी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा ने लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित किया और अनेक परिवारों के सपनों को नुकसान पहुंचाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 2014 में सत्ता में आने के बाद देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का संकल्प लिया था और अब सशस्त्र नक्सली हिंसा अपने अंतिम चरण में है।

नक्सल हिंसा में 3500 से ज्यादा जवानों की मौत का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नक्सलवाद ने करीब 4 दशक तक देश के बड़े हिस्से और बड़ी आबादी को हिंसा के साए में रखा।

उन्होंने दावा किया कि नक्सल हिंसा के खिलाफ अभियान में 3500 से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान शहीद हुए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संख्या युद्ध के दौरान जान गंवाने वाले जवानों की संख्या से भी अधिक है।

2014 के बाद नक्सलवाद खत्म करने का दावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में उनकी सरकार बनने के बाद नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया गया था।

उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और सरकार की विकास योजनाओं के चलते नक्सल और माओवादी हिंसा अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।

मोदी ने कहा कि जिन इलाकों में लंबे समय तक नक्सली हिंसा का प्रभाव रहा, वहां अब विकास और प्रशासनिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।

‘विकास, विश्वास और प्रयास’ का जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सली हिंसा का असर था, वहां अब ‘विकास, विश्वास और प्रयास’ के जरिए नई परिस्थितियां बन रही हैं।

उन्होंने इसे सरकार की सुरक्षा और विकास नीति का परिणाम बताया।

‘माओवादी विचारधारा’ पर भी हमला

प्रधानमंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि लंबे समय तक माओवादी विचारधारा से जुड़े लोगों ने सत्ता और नीति-निर्धारण के अलग-अलग स्तरों पर प्रभाव बनाया।

उन्होंने कहा कि सरकार ने जंगलों में सक्रिय हथियारबंद नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई करके देश को इस गंभीर खतरे से मुक्त कराने में सफलता हासिल की है।

‘हथियारबंद नक्सल गए, अब दिमागी नक्सल’

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि सशस्त्र नक्सली खत्म हो रहे हैं, लेकिन वैचारिक स्तर पर ऐसी ताकतें अब भी अवसर तलाश रही हैं।

उन्होंने कहा कि इन लोगों की पहचान करना और उन्हें अलग-थलग करना जरूरी है।

प्रधानमंत्री का यह बयान नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा अभियान के साथ-साथ वैचारिक संघर्ष को भी उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किए जाने का संकेत देता है।

बेबाक24 टेक: स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया। साथ ही ‘दिमागी नक्सल’ की टिप्पणी के जरिए उन्होंने चेतावनी दी कि सशस्त्र हिंसा कम होने के बावजूद वैचारिक चुनौती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment