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लाल किले की प्राचीर से पहली बार गूंजा ‘वंदे मातरम्’, पीएम मोदी बोले- ‘यह ऐतिहासिक दिन है’

by admin@bebak24.com on | 2026-08-15 14:13:06

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लाल किले की प्राचीर से पहली बार गूंजा ‘वंदे मातरम्’, पीएम मोदी बोले- ‘यह ऐतिहासिक दिन है’

नई दिल्ली: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के लाल किले में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान पहली बार ‘वंदे मातरम्’ को विशेष स्थान दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि आजादी के बाद यह पहली बार है जब लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम्’ की गूंज सुनाई दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष देश ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर भी मना रहा है और ऐसे समय लाल किले से इसका विशेष उल्लेख होना महत्वपूर्ण है।

पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन है और आजादी के बाद पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम्’ की गूंज सुनाई दी है।

उन्होंने कहा कि देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर हर ओर राष्ट्रभावना का माहौल है। प्रधानमंत्री के अनुसार, हर घर में तिरंगा लहरा रहा है और लोगों के मन में भी देश के प्रति गर्व और संकल्प की भावना है।

‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष का भी जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब देश ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर मना रहा है, तब लाल किले से इसका विशेष सम्मान होना अपने आप में महत्वपूर्ण है।

उन्होंने इसे स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े गीत के ऐतिहासिक महत्व से जोड़ते हुए कहा कि यह अवसर देशवासियों के लिए विशेष है।

समारोह के क्रम में भी हुआ बदलाव

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के आधिकारिक कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले स्थान दिया गया। प्रधानमंत्री के लाल किले पहुंचने के बाद ‘वंदे मातरम्’ की धुन बजाई गई, इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और राष्ट्रगान हुआ।

यह बदलाव 80 वर्ष पुरानी स्वतंत्रता दिवस समारोह की परंपरा में महत्वपूर्ण परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।

‘वंदे मातरम्’ पर पहले से जारी है बहस

‘वंदे मातरम्’ को आधिकारिक समारोहों में दिए जा रहे बढ़ते महत्व को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस भी जारी है।

समर्थकों का कहना है कि यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला राष्ट्रीय गीत है, जबकि आलोचकों का तर्क है कि इसके कुछ पदों में धार्मिक संदर्भ होने के कारण सभी समुदायों की संवेदनशीलताओं का ध्यान रखा जाना चाहिए।

बेबाक24 टेक: लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ को मिला विशेष स्थान इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए इसके 150 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया।



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