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पूर्वांचल का नया 'राय' साहब! गुंडों में खलबली, बीजेपी की नजर... कौन हैं पीयूष राय?

by on | 2026-08-01 17:27:21

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पूर्वांचल का नया 'राय' साहब! गुंडों में खलबली, बीजेपी की नजर... कौन हैं पीयूष राय?

मोहम्मदाबाद (गाजीपुर)। पूर्वांचल का अंडरवर्ल्ड जिस नाम से आज भी थरथराता है और जिसके इर्द-गिर्द गाजीपुर की पूरी राजनीति घूमती है, वह नाम एक बार फिर पूर्वांचल की आबोहवा में गूंज रहा है। स्वर्गीय विधायक कृष्णानंद राय के सुपुत्र पीयूष राय अब राजनीतिक समर में पूरी तरह से ताल ठोक चुके हैं।

​एक तरफ पूर्वांचल का अंडरवर्ल्ड और राजनीतिक विरोधी उन्हें घेरने की फिराक में रहते हैं, तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) उन्हें पूरे पूर्वांचल में एक सशक्त, निर्भीक और बड़े युवा चेहरे के रूप में तराशने में जुटी है।

​अफजाल अंसारी के खिलाफ उतारने की थी चर्चा!

​गाजीपुर में अंसारी परिवार के सियासी वर्चस्व को ध्वस्त करने के लिए बीजेपी की नजरें हमेशा इस युवा चेहरे पर टिकी रही हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान जब गाजीपुर सीट से अफजाल अंसारी के सामने एक मजबूत और बेबाक चेहरे की तलाश थी, तब पीयूष राय का नाम सबसे ऊपर चर्चा में आया था

​पीयूष राय की जमीनी पकड़, साफ-सुथरी छवि और समाज के हर वर्ग (विशेषकर युवाओं और सर्वसमाज) में उनकी जबरदस्त लोकप्रियता को देखते हुए बीजेपी उन्हें पूर्वांचल के सबसे बड़े राजनीतिक मंच पर उतारने की रणनीति बना रही थी।

​ योगी के नाम लेते ही गूंजा 'हर-हर महादेव'

​हाल ही में मोहम्मदाबाद की धरती पर आयोजित एक विशाल जनसभा में जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से पीयूष राय का नाम लिया, तो पूरा मैदान तालियों और 'हर-हर महादेव' के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। जनमानस की यह हुंकार इस बात का सबूत है कि गाजीपुर की जनता आज भी कृष्णानंद राय के योगदान को नहीं भूली है।

"बचपन में पिता की नृशंस हत्या देखी, गवाहों को डराया-धमकाया गया... लेकिन न्याय का यह लंबा संघर्ष अब जनता के दरबार में रंग ला रहा है।"


​ माफिया ने तोड़े गवाह, लेकिन बेटा दिलाएगा न्याय!

​कम उम्र में ही पिता को खोने वाले पीयूष राय के लिए यह राह आसान नहीं थी। माफिया राज के उस काले दौर में एक-एक करके गवाहों को तोड़ा गया, अपनों ने धोखा दिया, लेकिन पिता कृष्णानंद राय के आदर्शों पर चलते हुए पीयूष राय कभी झुके नहीं।

​अब पीयूष राय का सीधा और कड़ा संदेश है: "पिता को सच्चा न्याय जनता के प्यार, आशीर्वाद और पूर्वांचल से माफियाराज के पूर्ण खात्मे से ही मिलेगा।"

​मोहम्मदाबाद से ठोकी ताल, गुंडों में मची खलबली!

​पीयूष राय के मोहम्मदाबाद से चुनावी समर में उतरने की सुगबुगाहट मात्र से ही माफिया गिरोहों और उनके पैरोकारों में हड़कंप मच गया है। जमीनी स्तर पर उनकी बढ़ती सक्रियता ने विरोधियों के पसीने छुड़ा दिए हैं।



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