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बिना सर्जरी वाले 'लिक्विड BBL' ब्यूटी ट्रीटमेंट से 24 घंटे में महिला की मौत; ब्रिटेन के अनियंत्रित कॉस्मेटिक ब्यूटी उद्योग पर उठे सवाल

by on | 2026-07-31 19:51:35

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बिना सर्जरी वाले 'लिक्विड BBL' ब्यूटी ट्रीटमेंट से 24 घंटे में महिला की मौत; ब्रिटेन के अनियंत्रित कॉस्मेटिक ब्यूटी उद्योग पर उठे सवाल

लंदन : बॉडी शेप और नितंबों का आकार बढ़ाने के लिए कराए जाने वाले बिना सर्जरी वाले कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट—'लिक्विड ब्राज़ीलियन बट लिफ्ट'—के बाद 33 वर्षीय एलिस वेब की 24 घंटे के भीतर हुई दर्दनाक मौत ने ब्रिटेन के तेजी से बढ़ते ब्यूटी इंडस्ट्री के काले सच और ढीले सरकारी नियमों को बेनकाब कर दिया है।

पाँच बच्चों की माँ एलिस वेब, बिना सर्जरी वाली BBL प्रक्रिया के बाद ब्रिटेन में जान गंवाने वाली पहली मरीज बन गई हैं। इस घटना के बाद ब्यूटी सैलूनों, अस्थायी क्लीनिकों और सोशल मीडिया के जरिए बिना चिकित्सकीय योग्यता के दिए जा रहे कॉस्मेटिक इंजेक्शनों के घातक खतरों पर अंतरराष्ट्रीय बहस छिड़ गई है।

क्या है 'लिक्विड BBL' और यह कितना खतरनाक है?

सर्जिकल BBL के विपरीत (जिसमें शरीर के अन्य हिस्सों से चर्बी निकालकर नितंबों में डाली जाती है), लिक्विड BBL में हायलूरोनिक एसिड आधारित डर्मल फिलर्स के सैकड़ों मिलीलीटर इंजेक्शन सीधे शरीर के टिश्यूज में इंजेक्ट किए जाते हैं।

  • सेप्सिस और इन्फेक्शन का खतरा: बिना सर्जिकल और बिना मेडिकल विशेषज्ञता के किराए के दफ्तरों या फ्लैटों में दिए जाने वाले ये भारी मात्रा वाले फिलर सीधे सेप्सिस और नेक्रोसिस का कारण बनते हैं।

  • अंगों का काम बंद होना: हाल के अध्ययनों और बीबीसी की खोजी जांच के अनुसार, ये फिलर्स अक्सर खून की धमनियों में प्रवेश कर ब्लॉक कर देते हैं, जिससे व्यक्ति की 24 से 48 घंटे में मौत या गंभीर दिव्यांगता हो सकती है।

सोशल मीडिया, रियलिटी टीवी और अनक्वालिफाइड क्लीनिकों का जाल

कॉस्मेटिक उपचारों को मान्यता देने वाली संस्था 'सेव फेस' और शोधकर्ताओं के मुताबिक:

  • कार्दाशियन्स व रियलिटी टीवी का असर: 'लव आइलैंड' और कर्डाशियन परिवार जैसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के प्रभाव में आकर 35 वर्ष से कम उम्र की युवतियां भरे हुए होंठ और उभरे हुए नितंबों की चाह में इन जानलेवा प्रक्रियाओं को सिर्फ एक 'नॉर्मल ब्यूटी सर्विस'  समझकर करवा रही हैं।

  • योग्य विशेषज्ञों की भारी कमी: डेटा के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच बिना मेडिकल योग्यता वाले सौंदर्य प्रैक्टिशनरों का अनुपात 12% से बढ़कर 24.8% हो गया है। ब्रिटेन और यूरोप के पिछड़े इलाकों में ये सस्ते और फर्जी क्लिनिक सबसे ज्यादा सक्रिय हैं।

सख्त कानून की कमी और जांच एजेंसियों की नाकामी

फ्रांस और ऑस्ट्रिया जैसे यूरोपीय देशों में जहां फिलर और बोटॉक्स केवल लाइसेंस प्राप्त डॉक्टरों द्वारा किए जा सकते हैं, वहीं ब्रिटेन में कानून बेहद ढीला है।

लुईज़ मोलर और जोआन जैसी कई पीड़ितों ने खुलासा किया कि लिक्विड BBL के बाद उन्हें सेप्सिस हुआ और सर्जनों को उनके नितंबों और मांसपेशियों के सड़ चुके हिस्सों को काटकर अलग करना पड़ा। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासनिक निकायों के बीच क्षेत्राधिकार की खींचतान के कारण झोलाछाप इंजेक्टर्स वर्षों तक खुलेआम बिना रोक-टोक के क्लिनिक चलाते रहे।

बेबाक24 टेक

सुंदरता और बॉडी-शेपिंग के नाम पर सस्ते व गैर-सर्जिकल दावों के साथ सोशल मीडिया पर बिक रहे ये डर्मल फिलर्स और लिक्विड BBL ट्रीटमेंट सीधे-सीधे मौत का जाल बन चुके हैं। जब तक सरकारें और स्वास्थ्य एजेंसियां इन फिलर्स को केवल पंजीकृत डॉक्टरों/प्लास्टिक सर्जनों तक सीमित नहीं करतीं और अनधिकृत ब्यूटी सैलूनों पर आपराधिक मुकदमे नहीं चलातीं, तब तक मासूम जिंदगियां यूं ही गंवाई जाती रहेंगी।



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