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संत रविदास की धरा से बजा 'समरसता' का डंका! काशी पहुंचे बाबा योगी, केशव मौर्य ने खोला भदोही के नाम बदलने का 'पिटारा'

by on | 2026-07-29 18:38:26

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संत रविदास की धरा से बजा 'समरसता' का डंका! काशी पहुंचे बाबा योगी, केशव मौर्य ने खोला भदोही के नाम बदलने का 'पिटारा'

​वाराणसी (बेबाक 24 न्यूज डेस्क): चुनावी बिसात बिछ चुकी हो या सामाजिक संदेश देना हो, काशी हमेशा केंद्र में रहती है! संत गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के खास मौके पर बुधवार को काशी की फिजां में एक अलग ही हलचल देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी ने सीरगोवर्धनपुर की ऐतिहासिक धरती से अपने बहुचर्चित 'समरसता संकल्प अभियान' का धमाकेदार आगाज कर दिया है।


​मंच पर पावर का पूरा सेंटर मौजूद था—सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ से लेकर दोनों डिप्टी सीएम (केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक), केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी। यानी संदेश साफ है: बीजेपी अपने 'समरसता' कार्ड से सियासत के हर समीकरण को साधने के मूड में है।


केशव मौर्य का बड़ा दांव: "फिर से बदलेंगे भदोही का नाम!"


​कार्यक्रम के सबसे बड़े 'सियासी हाइलाइट' रहे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य। अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए मौर्य ने पुराना मुद्दा गर्म कर दिया।


​"सपा सरकार के दौरान जिस तरह संत रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही कर दिया गया था, वह संतों का अपमान था। बीजेपी संतों और महापुरुषों के मान-सम्मान से कोई समझौता नहीं करती। मैं खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से बात करूंगा कि भदोही का नाम फिर से बदलकर 'संत रविदास नगर' किया जाए!"


— केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री



​अब देखना यह होगा कि इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नाम बदलने को लेकर क्या नया घमासान शुरू होता है।


सीएम योगी ने टेका माथा, संत निरंजन दास से ली जानकारी


​अभियान की शुरुआत करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे संत रविदास मंदिर परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने पूरे विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया और देश-प्रदेश में सुख-समृद्धि की कामना की।


​योगी आदित्यनाथ ने डेरा सचखंड बल्लां के गद्दीशीन संत निरंजन दास जी महाराज से मुलाकात की और आयोजन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं पर बात की।


"संविधान में झलकती है संत रविदास की सोच"


​मंच से बोलते हुए केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संत रविदास जी के विचारों को भारतीय संविधान की आत्मा से जोड़ दिया। उन्होंने कहा:


​संत रविदास सिर्फ एक संप्रदाय के नहीं, बल्कि समूची मानवता, समानता और भाईचारे के मशालची थे।


​बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने संविधान में जिस स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की बात रखी है, उसकी जड़ें संत रविदास जी की शिक्षाओं में ही मिलती हैं।


छावनी में तब्दील हुई काशी, दुल्हन की तरह सजा सीरगोवर्धन


​आयोजन इतना भव्य था कि वाराणसी के चप्पे-चप्पे पर इसके रंग देखने को मिले।


​स्वागत द्वार व होर्डिंग्स: शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों को बड़े-बड़े होर्डिंग्स, तोरण द्वारों और एलईडी लाइट्स से सजाया गया।


​वीआईपी मूवमेंट: एक साथ मुख्यमंत्री, दो-दो उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और दर्जनों विधायकों की मौजूदगी के चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।





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