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संसद परिसर में कार्ति चिदंबरम और निशिकांत दुबे के बीच तीखी बहस; यूके कंपनी 'बैकप्स लिमिटेड' के स्वामित्व पर छिड़ा घमासान

by on | 2026-07-29 14:55:35

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संसद परिसर में कार्ति चिदंबरम और निशिकांत दुबे के बीच तीखी बहस; यूके कंपनी 'बैकप्स लिमिटेड' के स्वामित्व पर छिड़ा घमासान

नई दिल्ली : संसद के मॉनसून सत्र के दौरान मंगलवार देर रात परिसर में एक अनोखा और तीखा सियासी नाटक देखने को मिला। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कार्ति चिदंबरम और भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे के बीच ब्रिटेन में रजिस्टर्ड एक विदेशी कंपनी को लेकर बीच सड़क तीखी नोकझोंक हो गई।

घटना रात करीब 10 बजे की है, जब कार्ति चिदंबरम संसद भवन के भीतर जा रहे थे और निशिकांत दुबे अपनी कार में बैठे हुए थे।

संसद परिसर में क्या हुई बहस?— "कारोबार कैसे चलता है, कल मुफ़्त में सिखाऊंगा"

समाचार एजेंसी एएनआई  द्वारा जारी वीडियो में दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस दर्ज हुई:

  • निशिकांत दुबे का सवाल: कार में बैठे बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कार्ति चिदंबरम से पूछा— "अगर नॉमिनी डायरेक्टर है, तो वे कंपनी के डायरेक्टर क्यों हैं?"

  • कार्ति चिदंबरम का जवाब: कांग्रेस सांसद ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा— "नॉमिनी डायरेक्टर कंपनी से लिंक होता है। मैं आपको विस्तार से समझाऊंगा कि कंपनियां असल में कैसे काम करती हैं।"

कार्ति चिदंबरम का तंज (एएनआई से बातचीत में):

"मुझे नहीं लगता कि निशिकांत दुबे को इस बात की रत्ती भर भी समझ है कि ब्रिटेन में कंपनियां कैसे रजिस्टर होती हैं, कहां स्थित होती हैं या उन्हें कैसे चलाया जाता है। अगर वे समझना चाहते हैं, तो मैं कल उन्हें मुफ़्त में एक कॉर्पोरेट ट्यूटोरियल देने के लिए तैयार हूँ।"

निशिकांत दुबे ने क्या लगाए हैं आरोप?

बहस के बाद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर देर रात पोस्ट कर इस मामले को संसद में उठाने की चेतावनी दी। दुबे के मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:

  • ब्रिटिश कंपनी का पंजीकरण: 2003 में एक भारतीय सांसद द्वारा यूके में 'बैकप्स लिमिटेड' नाम की कंपनी पंजीकृत कराई गई थी, जिसका पता '2 फ्रांगल वे, लंदन' है।
  • शैल कंपनियां और डायरेक्टर्स: कंपनी के दो निदेशकों (लवग्रोव और मैकनाइट) में से एक 1,056 कंपनियों और दूसरा 256 कंपनियों में डायरेक्टर है।
  • 'राष्ट्रविरोधी' गतिविधियों का दावा: निशिकांत दुबे का दावा है कि उसी पते पर 60 अन्य कंपनियां भी रजिस्टर्ड हैं, जिनमें कई टीवी चैनल शामिल हैं। दुबे के मुताबिक ये चैनल भारत विरोधी ताकतों को बढ़ावा देने और सनसनी फैलाने का काम करते हैं।

निशिकांत दुबे ने कहा है कि वह इस मामले को लोकसभा में उठाकर उस भारतीय सांसद के नाम और विदेशी कंपनियों से उनके रिश्तों का पर्दाफाश करेंगे।

बेबाक24 टेक

ब्रिटिश कॉर्पोरेट लॉ के तहत 'नॉमिनी डायरेक्टर' का इस्तेमाल आम तौर पर कानूनी और प्रशासनिक कागजी कार्रवाइयों के लिए होता है। हालांकि, भारतीय राजनीति में विदेशी कंपनियों में बेनामी निवेश, शैल कंपनियों और हितों के टकराव के आरोप हमेशा से संवेदनशील रहे हैं। मॉनसून सत्र में इस मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और भारी हंगामा होने के आसार हैं।



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