by on | 2026-07-17 20:40:41
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लंदन/नई दिल्ली (बेबाक२४): दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले २० दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर फिल्म जगत से एक बड़ी प्रतिक्रिया आई है। प्रसिद्ध अभिनेता आमिर ख़ान ने वर्षों से चले आ रहे उस सबसे बड़े कयास को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें माना जाता था कि उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'थ्री इडियट्स' का मुख्य किरदार 'रैंचो' (फुनसुख वांगडू) सोनम वांगचुक के जीवन पर आधारित था।
लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल के समापन समारोह के दौरान आमिर ख़ान ने इस संबंध में विस्तार से अपनी बात रखी और वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त की। 'बेबाक२४' के एंटरटेनमेंट और सोशल ट्रेंड्स डेस्क की यह विशेष विस्तृत रिपोर्ट:
लंदन के बीएफआई साउथबैंक में आयोजित 'बीएफआई प्रजेंट्स: आमिर ख़ान इन कन्वर्सेशन' कार्यक्रम में आमिर ख़ान ने दर्शकों के सवालों का जवाब देते हुए इस गलतफहमी को दूर किया:
किरदार और प्रेरणा: आमिर ख़ान ने स्पष्ट किया, "यह केवल एक गलतफहमी है। जब हम थ्री इडियट्स बना रहे थे, तब मैं सोनम वांगचुक को जानता तक नहीं था। हाल ही में मैंने चतुर का एक वीडियो देखा जिसमें उन्होंने ऐसा कहा था, लेकिन वह गलत हैं। मैं यह साफ करना चाहता हूँ कि न तो राजू (राजकुमार हिरानी) और न ही अभिजात जोशी (लेखक), हममें से कोई भी फिल्म निर्माण के समय सोनम को नहीं जानता था।"
काम की सराहना: आमिर ने आगे कहा कि सोनम वांगचुक देश के लिए बहुत ही असाधारण काम कर रहे हैं। उनका सम्मान करने और उनके काम की सराहना करने के लिए यह बिल्कुल भी आवश्यक नहीं है कि वे थ्री इडियट्स के किसी किरदार की प्रेरणा रहे हों। वे केवल इस तथ्य को स्पष्ट करना चाहते थे।
सोनम वांगचुक ने भी पूर्व में 'कौन बनेगा करोड़पति' और 'जोश टॉक्स' जैसे मंचों पर इस विषय पर अपना रुख बेहद स्पष्ट रखा था:
नहीं ली गई सहमति: वांगचुक के अनुसार, फिल्म बनाते समय निर्माताओं ने उनसे कोई सहमति या सलाह नहीं ली थी।
मैं फुनसुख वांगडू नहीं हूँ: वांगचुक ने कहा था, "मैं परेशान हूँ क्योंकि लोग मुझसे लगातार पूछते हैं कि क्या फिल्म में दिखाया गया स्कूल मेरा है? क्या मैं फुनसुख वांगडू हूँ? मैं साफ करना चाहता हूँ कि मैं कोई फिल्मी किरदार नहीं हूँ, मैं असल जिंदगी में काम करता हूँ। मैं ऐसे नवप्रवर्तन (इनोवेशन) पर काम करता हूँ जिससे हमारे देश का नाम रोशन हो।"
सोनम वांगचुक २८ जून से केवल नमक-पानी के सहारे अनशन पर हैं और उनका वजन लगभग नौ किलोग्राम कम हो चुका है। फिल्म जगत की कई हस्तियों ने उनकी गिरती सेहत पर अपनी गहरी संवेदनशीलता दिखाई है:
"हम सभी उनकी सेहत और उनके जीवन को लेकर बहुत चिंतित हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इस मुद्दे का जल्द ही कोई अच्छा समाधान निकलेगा और वे अपनी भूख हड़ताल को समाप्त करेंगे।"
अभिनेता इमरान ख़ान ने सोशल मीडिया पर छात्रों के आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने लिखा, "यह कोई राजनीतिक बहस नहीं होनी चाहिए। अगर हम छात्रों से उम्मीद करते हैं कि वे पूरी ईमानदारी से परीक्षा दें, तो उन्हें भी उन संस्थाओं से उतनी ही जवाबदेही मिलने का हक है। मैं आंदोलन कर रहे युवाओं के साथ खड़ा हूँ।"
सोनाक्षी सिन्हा ने एक भावुक वीडियो जारी कर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "वे बच्चों के भविष्य के लिए भूखे बैठे हैं। आखिर प्रशासन कब जागेगा? क्या तब जब किसी की जान चली जाएगी?"
फ़ातिमा सना शेख़ ने वर्तमान स्थिति को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि देश को इतना कुछ देने वाले व्यक्ति को सिर्फ अपनी बात सुनाने के लिए अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए।
इसके अलावा शबाना आज़मी, ज़ीनत अमान, प्रकाश राज, नसीरुद्दीन शाह और ओमी वैद्य (थ्री इडियट्स के 'चतुर') जैसी नामचीन हस्तियों ने भी वांगचुक के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई है।
थ्री इडियट्स फिल्म के काल्पनिक संसार से बाहर निकलकर आज सोनम वांगचुक वास्तविक दुनिया में देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य की सबसे बड़ी और कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं। आमिर ख़ान द्वारा फिल्म के प्रेरणा संबंधी तथ्य को स्पष्ट करना अपनी जगह सही हो सकता है, लेकिन इस समय सबसे बड़ा और संवेदनशील मुद्दा सोनम वांगचुक की गिरती हुई शारीरिक स्थिति है।
बेबाक२४ का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर २० दिनों से चल रहे इस अनशन पर फिल्मी जगत का इस तरह एकजुट होकर बोलना यह दर्शाता है कि यह मुद्दा केवल छात्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़ा राष्ट्रीय सरोकार बन चुका है। सरकार को इसे किसी राजनीतिक दल की गतिविधियों के रूप में देखने के बजाय एक गंभीर नागरिक असंतोष के रूप में देखना चाहिए और सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को ध्यान में रखते हुए तुरंत सार्थक बातचीत की पहल करनी चाहिए।
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