ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
ताजा खबर ताजा खबर

पूर्व नगर विकास मंत्री बच्चा सिंह का निधन: कोयलांचल से बलिया तक शोक की लहर, 'रघुकुल' में लगा समर्थकों का तांता

by on | 2026-07-27 21:05:46

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3069


पूर्व नगर विकास मंत्री बच्चा सिंह का निधन: कोयलांचल से बलिया तक शोक की लहर, 'रघुकुल' में लगा समर्थकों का तांता

बीसीसीएल के मामूली क्लर्क से सूबे के कैबिनेट मंत्री तक तय किया सफर; 29 जुलाई को धनबाद में आयोजित होगी श्रद्धांजलि सभा

धनबाद / बलिया

​झारखंड के प्रथम नगर विकास मंत्री, वरिष्ठ नेता एवं मजदूर राजनीति के कद्दावर हस्ताक्षर बच्चा सिंह के निधन से पूरे कोयलांचल (धनबाद) से लेकर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले तक गहरा शोक व्याप्त हो गया है। उनके असामयिक निधन की खबर फैलते ही उनके निवास स्थान 'रघुकुल' (हर्ष बिहार कॉलोनी, धनबाद) में अंतिम दर्शन एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले शुभचिंतकों और समर्थकों का तांता लग गया।

​बीसीसीएल क्लर्क से कैबिनेट मंत्री तक का ऐतिहासिक सफर

​बच्चा बाबू का जीवन संघर्ष और राजनीतिक सफलता की एक अद्भुत मिसाल रहा है:

  • जन्म एवं पृष्ठभूमि: उनका जन्म वर्ष 1944 में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के गोन्हिया छपरा गांव में स्व. चंडी प्रसाद सिंह के घर हुआ था। अपने बड़े भाई स्व. सूर्यदेव सिंह के पीछे-पीछे वे झरिया (धनबाद) पहुंचे थे।
  • कोलियरी में नौकरी से राजनीति की शुरुआत: उन्होंने बीसीसीएल की शिमलाबहाल कोलियरी में क्लर्क के रूप में राष्ट्रीयकरण के दौर से वर्ष 1995 तक सेवा दी। वर्ष 1995 में चुनाव लड़ने की कानूनी बाध्यता के कारण उन्होंने बीसीसीएल से वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) ले ली।
  • राजनीतिक उतार-चढ़ाव: 1991 में बड़े भाई सूर्यदेव सिंह के निधन के बाद उन्होंने परिवार व जनता मजदूर संघ की कमान संभाली। 1991 और 1995 में हार का सामना करने के बाद, वर्ष 2000 में उन्होंने समता पार्टी के टिकट पर झरिया से जीत दर्ज की और नए गठित राज्य झारखंड के पहले नगर विकास मंत्री बने।
  • यूनियन और मेंशन विवाद: वर्ष 2005 में सिंह मेंशन और यूनियन में पारिवारिक विवाद के बाद उन्होंने 'जनता मजदूर संघ (बच्चा गुट)' का गठन किया और आजीवन उसके महामंत्री रहे।

​विकास कार्यों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे बच्चा बाबू

​झरिया विधानसभा क्षेत्र में 1977 से 1991 के बाद लंबे समय तक ठप पड़े विकास कार्यों को वर्ष 2000 में विधायक और मंत्री बनने के बाद उन्होंने दोबारा तेजी से शुरू कराया था, जिसकी चर्चा आज भी क्षेत्र में होती है।

​परिवार और व्यक्तिगत जीवन

​वर्ष 1961 में शिव कुमारी देवी से परिणय सूत्र में बंधे बच्चा सिंह वर्ष 2002 में सिंह मेंशन छोड़ सरायढेला स्थित अपने नए आवास 'सूर्योदय' में रहने चले गए थे। पांच भाइयों में से बड़े भाई स्व. सूर्यदेव सिंह और चौथे भाई राज नारायण सिंह का पहले ही निधन हो चुका है। अब परिवार में केवल दो भाई—छोटे भाई रामधीर सिंह और मंझले भाई बिक्रमा सिंह ही जीवित हैं।

​29 जुलाई को हर्ष बिहार कॉलोनी में आयोजित होगी 'श्रद्धांजलि सभा'

​पारिवारिक सूत्रों एवं समर्थकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:

  • तिथि: 29 जुलाई
  • समय: सुबह 9:00 बजे से
  • स्थान: हर्ष बिहार कॉलोनी, धनबाद

​जनता मजदूर संघ के महामंत्री अभिषेक सिंह और पूर्व विधायक सह अध्यक्ष पूर्णिमा नीरज सिंह समेत अनेक राजनीतिक हस्तियों एवं समर्थकों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को यह अपार दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों व समर्थकों से 29 जुलाई को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित रहने की अपील की गई है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment