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असम में बाढ़ का तांडव जारी, मृतकों का आंकड़ा 66 तक पहुंचा; 10 जिलों के 810 गांव जलमग्न, पीएम मोदी ने सीएम सरमा से ली जानकारी

by admin@bebak24.com on | 2026-07-26 21:13:18

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असम में बाढ़ का तांडव जारी, मृतकों का आंकड़ा 66 तक पहुंचा; 10 जिलों के 810 गांव जलमग्न, पीएम मोदी ने सीएम सरमा से ली जानकारी

गुवाहाटी | असम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति विकराल बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में 4 और लोगों की जान जाने के बाद राज्य में कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 6.54 लाख से अधिक लोग इस विनाशकारी बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित हैं और सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम हिमंत बिस्वा सरमा से की बात

असम में गहराते मानवीय संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत की।

  • केंद्र का हर संभव मदद का आश्वासन: पीएम मोदी ने राहत और बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा केंद्र सरकार की ओर से एनडीआरएफ की अतिरिक्त टुकड़ियों व वित्तीय सहायता का पूरा आश्वासन दिया।

  • मुख्य सचिव के निर्देश: असम के मुख्य सचिव रवि कोटा ने सभी जिलाधिकारियों को प्रभावित इलाकों में राशन, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं तेजी से पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

सबसे ज्यादा प्रभावित जिले और NDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन

आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार:

  • ऊपरी असम पर सबसे भारी मार: सबसे बुरा असर ऊपरी असम के शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों पर पड़ा है। मौतों के मामले में भी शिवसागर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है।

  • राहत शिविर: प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा 274 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां करीब 19 हजार बेघर लोगों को भोजन और आश्रय दिया जा रहा है।

  • एनडीआरएफ की टीमें तैनात: एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें नावों के जरिए कटे हुए दूरदराज के इलाकों से लोगों और मवेशियों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं।

बाढ़ की मुख्य वजह: नगालैंड के मोन जिले में 'बादल फटना'

यूं तो असम में हर साल मानसून के दौरान ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां तबाही मचाती हैं, लेकिन इस बार ऊपरी असम में अचानक आई भीषण बाढ़ के पीछे पड़ोसी राज्य नगालैंड के घटनाक्रम को जिम्मेदार माना जा रहा है।

हिमंत बिस्वा सरमा (मुख्यमंत्री, असम):

"शिवसागर और ऊपरी असम में आई इस अचानक और विनाशकारी बाढ़ की मुख्य वजह नगालैंड के मोन जिले में हुई 'बादल फटने' की कथित प्राकृतिक घटना है, जिसके कारण नदियों का जलस्तर कुछ ही घंटों में अचानक खतरनाक स्तर से ऊपर चला गया।"

बेबाक24 टेक

पूर्वोत्तर राज्यों में अंतरराज्यीय नदी घाटियों और पर्यावरण में आ रहे तेजी से बदलाव  के कारण हर साल आने वाली यह बाढ़ अब और अधिक भयावह रूप ले रही है। तात्कालिक राहत शिविरों के साथ-साथ केंद्र और असम सरकार को नगालैंड व अरुणाचल जैसे पड़ोसी पहाड़ी राज्यों के साथ मिलकर जल प्रबंधन का दीर्घकालिक और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर रोडमैप तैयार करना होगा।



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