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'धर्मेंद्र प्रधान तो आंदोलन के पहले ही दिन इस्तीफा देना चाहते थे'— बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा दावा; बोले: 'इस्तीफे ने विदेशी साजिशों को किया नाकाम'

by on | 2026-07-26 20:34:26

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'धर्मेंद्र प्रधान तो आंदोलन के पहले ही दिन इस्तीफा देना चाहते थे'— बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा दावा; बोले: 'इस्तीफे ने विदेशी साजिशों को किया नाकाम'

भोपाल/नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर से एक अहम खुलासा सामने आया है। मध्य प्रदेश सरकार में वरिष्ठ मंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया है कि धर्मेंद्र प्रधान ने आंदोलन की शुरुआत में ही पार्टी अध्यक्ष को अपने इस्तीफे की पेशकश कर दी थी।

समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बात करते हुए विजयवर्गीय ने धर्मेंद्र प्रधान के संगठन के प्रति समर्पण की जमकर तारीफ की।

'बेबाक24' की एक्सक्लूसिव पॉलिटिकल रिपोर्ट:

1. "पार्टी अध्यक्ष ने पहले दिन इस्तीफा देने से रोका था": कैलाश विजयवर्गीय

कैलाश विजयवर्गीय ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के दिनों से धर्मेंद्र प्रधान के साथ अपने संबंधों को याद करते हुए कहा:

कैलाश विजयवर्गीय (कैबिनेट मंत्री, मध्य प्रदेश सरकार):

"मैं धर्मेंद्र प्रधान जी को विद्यार्थी परिषद के ज़माने से जानता हूं। उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी जाती है, वे उसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाते हैं। आंदोलन के पहले दिन ही उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से कहा था कि अगर आपको लगता है कि मेरे पद पर रहने से कोई दिक्कत है, तो मैं तुरंत इस्तीफा देने को तैयार हूं। तब पार्टी अध्यक्ष ने उन्हें मना किया था और कहा था कि पहले बैठकर बात करेंगे, तब तक इस्तीफा नहीं देंगे।"

"विदेशी ताकतों की साजिशें हुईं नाकाम"

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जैसे ही संगठन ने निर्णय लिया, धर्मेंद्र प्रधान ने बिना देरी किए अपना त्यागपत्र सौंप दिया:

  • सच्चे कार्यकर्ता की पहचान: "जब हालात ऐसे बने और पार्टी ने तय किया कि धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ देना चाहिए, तो उन्होंने बिना एक पल गंवाए इस्तीफा दे दिया। यही एक अनुशासित और समर्पित कार्यकर्ता की असली पहचान है।"

  • विदेशी साजिश का दावा: विजयवर्गीय ने आगे कहा कि "उनके इस इस्तीफे ने उन सभी देशविरोधी और विदेशी ताकतों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है, जो इस छात्र आंदोलन की आड़ में देश में हिंसा और अस्थिरता भड़काना चाहती थीं।"

जंतर-मंतर आंदोलन और इस्तीफे की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा धांधली को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में पिछले 37 दिनों से जारी प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेजा था। इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रल्हाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है और जंतर-मंतर से आंदोलन पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

बेबाक24 टेक

कैलाश विजयवर्गीय का यह बयान यह दिखाने की कोशिश है कि धर्मेंद्र प्रधान ने पद का मोह त्यागकर संगठन और देशहित को प्राथमिकता दी। हालांकि, विपक्ष का मानना है कि 37 दिनों के अभूतपूर्व छात्र असंतोष, राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्रालय से पूछे गए तीखे सवालों और सोनम वांगचुक के अनशन के चौतरफा दबाव के कारण ही सरकार को यह कदम उठाना पड़ा है।



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