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सोनभद्र का खूनी खेल: 7 मजदूरों की मौत पर 20.5 लाख का मुआवजा, जेल से लौटे 'दबंग' अभिषेक सिंह उर्फ काके पर जाँच की दोहरी आंच

by admin@bebak24.com on | 2025-11-19 09:43:13

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सोनभद्र का खूनी खेल: 7 मजदूरों की मौत पर 20.5 लाख का मुआवजा, जेल से लौटे 'दबंग' अभिषेक सिंह उर्फ काके पर जाँच की दोहरी आंच

घटना का केंद्र: बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र
अजय सिंह,
सोनभद्र| जिले के बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में हुए भीषण पत्थर खदान हादसे ने समूचे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। इस दर्दनाक घटना में अब तक सात मजदूरों के शव बरामद हो चुके हैं, जिसने एक बार फिर खनन माफिया और सत्ता के कथित गठजोड़ की परतों को खोल दिया है।

इस हादसे ने न सिर्फ़ कई परिवारों को उजाड़ दिया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है।

'दबंग' का कनेक्शन और जाँच की दिशा
प्रारंभिक छानबीन में, इस खदान हादसे के तार इलाके के 'दबंग' अभिषेक सिंह उर्फ काके से जुड़ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, काके की खदान में कथित तौर पर 18 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। अंडरवर्ल्ड की चर्चाओं में रहने वाला और आपराधिक पृष्ठभूमि वाला काके हाल ही में जेल से बाहर आया है, और जेल से निकलते ही दूसरे बड़े हादसे से उसका नाम जुड़ना जाँच की दिशा को एक नई, और भी गंभीर, मोड़ दे रहा है।
पुलिस अब इस बात की गहन जाँच कर रही है कि क्या गिरफ्तार किए गए अन्य हिस्सेदारों का काके से कोई व्यावसायिक या आपराधिक संबंध था, और क्या यह हादसा अवैध या अनियमित खनन का सीधा परिणाम है।

मुआवजा और कड़े एक्शन का आश्वासन
हादसे की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन और सरकार की ओर से त्वरित कार्रवाई की गई है।
जनपद के प्रभारी मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस पर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और मुआवजे की बड़ी घोषणा की:
कुल मुआवजा: मृतकों के परिवार को विभिन्न सरकारी मदों से ₹20 लाख 50 हजार की संयुक्त सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
यह राशि राज्य सरकार (मुख्यमंत्री आपदा कोष), श्रम विभाग और खनन विभाग से मिलने वाली सहायता को मिलाकर होगी।
प्रभारी मंत्री ने पीड़ित परिवारों को सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है। उन्होंने कहा है:

"इस खनन हादसे के लिए जो भी दोषी होगा, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

अन्य हिस्सेदारों पर कार्रवाई और रसूखदार कनेक्शन

जाँच एजेंसियों ने इस मामले में मेसर्स श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स के खदान मालिक और उनके पार्टनर पर गैर-इरादतन हत्या (Non-Bailable Homicide) समेत सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

मुख्य गिरफ्तारी: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य पट्टाधारक मधुसूदन सिंह (घोरावल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख) को गिरफ्तार कर लिया है।

  राजनीतिक रसूख: सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार पट्टाधारक मधुसूदन सिंह सत्ताधारी दल के एक बड़े जनप्रतिनिधि के बेहद करीबी बताए जा रहे हैं। यह कनेक्शन इस आशंका को बल देता है कि नियम-विरुद्ध खनन को उच्च-स्तरीय राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था।

पीड़ित का बयान: शिकायतकर्ता छोटू यादव ने अपनी तहरीर में स्पष्ट रूप से सुरक्षा मानकों के घोर उल्लंघन का आरोप लगाया है, जिसके कारण उनके दो सगे भाइयों (इंद्रजीत यादव और संतोष यादव) सहित छह मजदूरों की मौत हुई।

रेस्क्यू और जाँच की स्थिति
हादसे के बाद से ही NDRF, SDRF और CISF की टीमें लगातार 45 घंटों से अधिक समय तक बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन भारी पत्थरों और चट्टानों के कारण कार्य में बाधा आ रही है।
मृतकों की पहचान: राजू सिंह गोंड, संतोष यादव, इंद्रजीत यादव, रविंद्र उर्फ नानक, रामखेलावन और गुलाब खरवार एक अज्ञात ।
सरकारी जाँच: राज्य सरकार ने घटना की तीन-स्तरीय जाँच (पुलिस, खनन विभाग और जिला प्रशासन) का आदेश दिया है।
यह दुर्घटना न केवल एक बड़ी मानवीय त्रासदी है, बल्कि यह खनन क्षेत्र में व्याप्त अवैधता और दबंगों के वर्चस्व की एक भयावह तस्वीर पेश करती है, जिस पर अब प्रशासनिक और न्यायिक कार्रवाई की तलवार लटक गई है।



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