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सोनम वांगचुक के अनशन समाप्ति पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा बयान— 'सर का जीवन अनमोल, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर धरना जारी रहेगा'

by admin@bebak24.com on | 2026-07-24 17:41:43

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सोनम वांगचुक के अनशन समाप्ति पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा बयान— 'सर का जीवन अनमोल, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर धरना जारी रहेगा'

नई दिल्ली: नीट पेपर लीक मामले में 26 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त करने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया जारी की है।

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए वांगचुक के जीवन की सुरक्षा पर राहत जताई, लेकिन साथ ही आंदोलन को अनवरत जारी रखने का संकल्प दोहराया।

"आपने देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया": वांगचुक का आभार

अभिजीत दीपके ने अपने वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक के त्याग और असाधारण साहस की सराहना करते हुए कहा:

अभिजीत दीपके (संस्थापक, CJP):

"हमें राहत है और खुशी भी कि सोनम सर ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। सर, आपके असाधारण साहस और त्याग के लिए आपका धन्यवाद। आपने अपनी जान जोखिम में डालकर पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया। आपका जीवन इस देश के लिए बहुत अनमोल है।"

CJP का अगला रुख: "इस्तीफे तक जारी रहेगा शांतिपूर्ण प्रदर्शन"

अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक का अनशन भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन छात्रों का आंदोलन अपनी मुख्य मांगों से पीछे नहीं हटा है।

  • मुख्य मांग: कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते।

  • छात्रों की एकजुटता: पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर डटे 22 लाख से अधिक प्रभावित छात्रों के न्याय के लिए CJP आंदोलन की अगुवाई करती रहेगी।

पृष्ठभूमि: 26 दिनों का संघर्ष

नीट-यूजी परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में छात्र संगठन पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

  • 28 जून: सोनम वांगचुक छात्रों की मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे।

  • 23 जुलाई देर रात: स्वास्थ्य बिगड़ने, 65 सांसदों की अपील और केंद्रीय मंत्रियों (जे.पी. नड्डा व डॉ. जितेंद्र सिंह) की मौजूदगी में सरकार से मिले लिखित आश्वासनों के बाद उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में 26 दिनों बाद जूस पीकर उपवास तोड़ा।

बेबाक24 टेक

अभिजीत दीपके का यह बयान साफ संकेत देता है कि सोनम वांगचुक के अनशन वापस लेने के बावजूद छात्र आंदोलन की राजनीतिक धार कम नहीं हुई है। सरकार के लिए जंतर-मंतर पर जारी यह गतिरोध और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का दबाव अभी खत्म नहीं हुआ है।



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