ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
राजनीति राजनीति

'मोहम्मदाबाद' में सियासी उबाल: पीयूष राय के तीखे तेवर, अतुल राय का सियासी दांव और गाजीपुर की गरमाई राजनीति

by on | 2026-07-21 19:33:15

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3361


'मोहम्मदाबाद' में सियासी उबाल: पीयूष राय के तीखे तेवर, अतुल राय का सियासी दांव और गाजीपुर की गरमाई राजनीति

गाजीपुर ।  जिले का मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र इन दिनों सियासी तपिश और सोशल मीडिया पर तेज बहस का केंद्र बना हुआ है। स्वर्गीय विधायक कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय के बयानों, पूर्व सांसद अतुल राय के इंटरव्यू और पुलिस प्रशासन की हालिया कार्रवाइयों ने क्षेत्र के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। गांव की चौपालों से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक, हर तरफ पीयूष राय के तेवरों और आगामी राजनीतिक समीकरणों की ही चर्चा छिड़ी हुई है।

'सपा सरकार न आती तो पिता की न होती हत्या'

​हाल ही में एक वक्तव्य में स्वर्गीय विधायक कृष्णानंद राय के बेटे पीयूष राय ने वर्ष 2005 में हुए चर्चित हत्याकांड को याद करते हुए तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन पर तीखे सवाल दागे हैं।

प्रशासन पर ढिलाई का आरोप: पीयूष राय ने कहा कि घटना के दिन जब विधायक पर हमला हो रहा था, तब पुलिस डेढ़ घंटे बाद पहुंची। सवाल उठाता है कि भांवरकोल थाना घटनास्थल से महज 3 किलोमीटर दूर था, जहां जवान आधे घंटे में पैदल भी पहुंच सकते थे।


सत्ता पर सीधा हमला: उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा, "यदि उस समय सपा सरकार सत्ता में न होती, तो हमारे पिता की हत्या संभव नहीं थी।"


अंसारी बंधुओं से संबंधों और पुलिस की कार्रवाई के बीच अतुल राय का बयान

​उधर, एक पॉडकास्ट के दौरान पूर्व सांसद अतुल राय ने अंसारी बंधुओं से अपने संबंधों को स्वीकार करते हुए कई ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी:

"हमारा अंसारी बंधुओं से राजनीतिक संबंध रहा है।"अतुल राय (पूर्व सांसद)

प्रशासन का कड़ा रुख: गौरतलब है कि जांच में मुख्तार अंसारी से आर्थिक कनेक्शन मिलने पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली में संपत्तियां जब्त की थी। वहीं, जिला प्रशासन ने गाजीपुर स्थित उनके पैतृक गांव बीरपुर में भी डुग्गी पिटवाकर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया था।


अतुल राय की मुन्ना राय की वकालत: क्या पीयूष का भय या कोई नया सियासी दांव?

​मोहम्मदाबाद सीट से पीयूष राय और उनके चचेरे भाई आनंद राय 'मुन्ना' में से कौन बेहतर विकल्प है—इस सवाल पर पूर्व सांसद अतुल राय ने पीयूष के बजाय उनके चचेरे भाई आनंद राय 'मुन्ना' का खुलकर समर्थन किया।

​अतुल राय द्वारा 'मुन्ना' राय के पक्ष में माहौल बनाने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। क्षेत्र में यह सवाल भी तैर रहा है कि क्या अतुल राय को पीयूष राय की बढ़ती लोकप्रियता और सियासी कद से डर लग रहा है, या फिर मुन्ना राय की वकालत के पीछे कोई गहरा राजनीतिक दांव है?

सोशल मीडिया और चौपालों में उभरा नया चेहरा

​इन तमाम सियासी घेराबंदी के बावजूद, गाजीपुर का 'मोहबा गढ़' (मोहम्मदाबाद) इन दिनों पीयूष राय के समर्थन में खुलकर मुखर नजर आ रहा है।

युवाओं की पहली पसंद: सोशल मीडिया पर चल रहे पोलिंग और ट्रेंड्स में युवाओं के बीच पीयूष राय काफी आगे और भारी पड़ते दिख रहे हैं।


कट्टर हिंदुत्ववादी छवि: स्थानीय जनता और युवाओं के बीच पीयूष राय एक 'जन-जन के अपने' नेता और एक मुखर कट्टर हिंदुत्ववादी चेहरे के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। गांव-गांव में लग रही चौपालों में जनता स्वयं खुलकर अपनी राजनीतिक पसंद और पीयूष राय के प्रति अपना समर्थन जाहिर कर रही है।




Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment