ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
अपराध अपराध

गुजरात ATS का बड़ा एक्शन— जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल के ५ और संदिग्ध गिरफ्तार

by on | 2026-07-17 22:04:42

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3057


गुजरात ATS का बड़ा एक्शन— जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल के ५ और संदिग्ध गिरफ्तार

अहमदाबाद/गांधीनगर (बेबाक२४): गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के नेटवर्क पर अपना शिकंजा और कस दिया है। इस आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान एटीएस ने ५ और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस पूरे मामले में अब तक गिरफ्तार होने वाले आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर १३ हो गई है।

जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये आरोपी न केवल कट्टरपंथी विचारधारा का प्रसार कर रहे थे, बल्कि सुनसान इलाकों में ८ बार बम धमाकों (टेस्ट ब्लास्ट) के सफल और असफल प्रयोग भी कर चुके थे।


कहां से हुई गिरफ्तारियां और कौन हैं ये संदिग्ध?

गुजरात एटीएस ने राजस्थान और गुजरात के स्थानीय पुलिस बलों के साथ समन्वय स्थापित कर संदिग्धों को चिह्नित किया:

  • गिरफ्तारी का स्थान: इन सभी 4 आरोपियों को गुजरात के पाटन जिले के सिद्धपुर तालुका के खड़ियाल गांव से गिरफ्तार किया गया है।

  • आरोपियों की पहचान: गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान इस प्रकार है:

    1. बिलाल आबिदभाई शेरा (उम्र २४ वर्ष, पाटन)

    2. मोहम्मद अय्यूब कादीवाला (उम्र २२ वर्ष, पाटन)

    3. मोहम्मद अय्यूब सुन्सरा उर्फ मोहम्मद खाली (उम्र २० वर्ष, पाटन)

    4. मोहम्मद हसन हनीफभाई करदिया उर्फ हसन हैदरपुरी (उम्र २० वर्ष, पाटन)

    5. शफी रईस मुखी उर्फ शफी छापी (उम्र २१ वर्ष, बनासकांठा)

आईईडी (IED) निर्माण और 8 टेस्ट ब्लास्ट का सनसनीखेज खुलासा

एटीएस के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) सुनील जोशी और जांच दल की पूछताछ में आरोपियों को लेकर बड़े और खतरनाक खुलासे हुए हैं:

  • मदरसे में प्रशिक्षण: जांच के अनुसार, गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपी वर्ष २०२३ से ही पाटन के 'जामिया अबुल हसन मदरसे' में रह रहे थे, जहां वे आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे।

  • बम बनाने की सामग्री की ऑनलाइन खरीद: इन आरोपियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और स्थानीय बाजारों के जरिए पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर और चारकोल जैसी कच्ची सामग्रियां खरीदीं।

  • 8 टेस्ट ब्लास्ट: आरोपियों ने अलग-अलग आकार के पाइप, टाइमर, डेटोनेटर और वेल्डेड केसिंग का उपयोग करके तात्कालिक विस्फोटक उपकरण (IED) असेंबल करना सीखा। उन्होंने वर्ष २०२३ से फरवरी २०२६ के बीच अपने गांव के पास एक सुनसान इलाके में धमाके की तीव्रता जांचने के लिए कम से कम 8 टेस्ट ब्लास्ट किए थे।

  • जिहादी साहित्य और फंडिंग: आरोपियों के कब्जे से जैश-ए-मोहम्मद का झंडा, संगठन के प्रमुख मसूद अजहर की लिखी किताबों की प्रतियां, मसूद अजहर को संबोधित पत्र और आतंकी फंडिंग के लिए रखे गए 1.3 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, बिलाल शेरा ने पहले गिरफ्तार हो चुके मुख्य आरोपी मोहम्मद अमीन शेरा को एक पेन ड्राइव दी थी, जिसमें कट्टरपंथी भाषण और जेईएम के वीडियो मौजूद थे।

३. पहले हो चुकी हैं ८ गिरफ्तारियां

इससे पहले 3 जुलाई 2026 को गुजरात एटीएस ने एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात और मध्य प्रदेश से 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। ये आरोपी कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के सीधे संपर्क में थे और राज्य में एक सक्रिय स्लीपर सेल नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहे थे। इन्हीं आरोपियों से हुई सघन पूछताछ के बाद इन नए ५ संदिग्धों के नाम सामने आए हैं।

जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल जांच: मुख्य बिंदु

जांच के पैमानेवर्तमान स्थिति (17 जुलाई 2026)
कुल गिरफ्तारियांअब तक कुल 13 आरोपी गिरफ्तार।
ताजा गिरफ्तारियांपाटन और बनासकांठा से 4 नए संदिग्ध गिरफ्तार।
न्यायालयी कार्रवाईअदालत ने आरोपियों को 8 दिन की पुलिस हिरासत (रिमांड) में भेजा है।
बरामदगीजेईएम ध्वज, मसूद अजहर का साहित्य, पेन ड्राइव और ₹१.३ लाख नकद।
लागू कानूनगैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (BNS)

बेबाक२४ टेक

गुजरात एटीएस द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के इस खतरनाक मॉड्यूल का भंडाफोड़ करना देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण सफलता है। आरोपियों द्वारा स्थानीय स्तर पर ही बारूद और डेटोनेटर जुटाकर 8-8 बार टेस्ट ब्लास्ट करना यह साबित करता है कि आतंकी संगठन अब हाई-टेक संसाधनों के बजाय स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्रियों से 'लो-कॉस्ट' और 'हाई-इम्पैक्ट' हमले करने की साजिश रच रहे हैं।

बेबाक२४ का मानना है कि युवाओं के बीच फैलते इस ऑनलाइन और ऑफलाइन कट्टरपंथ को रोकने के लिए केवल गिरफ्तारियां काफी नहीं हैं; इसके लिए स्थानीय खुफिया तंत्र (लोकल इंटेलिजेंस) को और अधिक मजबूत करना होगा ताकि ऐसी संदिग्ध गतिविधियों की भनक टेस्ट ब्लास्ट के स्तर पर पहुंचने से बहुत पहले ही लग सके।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment