by admin@bebak24.com on | 2026-07-20 20:21:35
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हनोई/नई दिल्ली: भारतीय पर्यटकों के लिए अब थाईलैंड का बैंकॉक, इंडोनेशिया का बाली या दुबई जैसे पारंपरिक ठिकाने पुराने होने लगे हैं। हाल के कुछ वर्षों में एक नए देश ने भारतीय घुमक्कड़ों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई है, और वह देश है— वियतनाम।
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा राज्यसभा में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2019 की तुलना में 2024 तक वियतनाम जाने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या में चार गुना से अधिक की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2019 में जहां महज 94 हजार भारतीय वियतनाम गए थे, वहीं 2024 तक यह आंकड़ा 3.98 लाख के पार पहुंच गया। वहीं साल 2026 के शुरुआती दो महीनों में ही 1.58 लाख भारतीय वियतनाम की सैर कर चुके हैं।
फुटबॉल ग्राउंड से लेकर ऐतिहासिक शहरों तक फैले दक्षिण-पूर्व एशिया के इस खूबसूरत देश की तरफ भारतीयों के आकर्षित होने के पीछे कई बड़े और व्यावहारिक कारण हैं:
हैदराबाद स्थित इमाद ट्रैवल्स के निदेशक हामिद अली के मुताबिक, वियतनाम में पर्यटकों का दैनिक खर्च दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों की तुलना में 40 से 60 फीसदी तक कम है। भारतीय मुद्रा की तुलना में वियतनामी डोंग की कीमत काफी कम है, जिसके चलते वहां ₹2,000 से कम में भी शानदार होटल मिल जाते हैं। एक सही प्लानिंग के साथ 60 से 80 हजार रुपये के भीतर पूरा वियतनाम पैकेज (बाना हिल्स, हनोई और फू क्वोक) घूमा जा सकता है।
वीज़ा की झंझटों से परेशान पर्यटकों के लिए वियतनाम की ई-वीज़ा नीति एक वरदान साबित हो रही है। जहां पहले मल्टीपल एंट्री वीज़ा में 7 से 10 दिन लगते थे, वहीं अब भारतीयों को 24 से 48 घंटे के भीतर वीज़ा मिल रहा है।
सिंगल एंट्री वीज़ा फीस: 25 अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹2,390)
मल्टीपल एंट्री वीज़ा फीस: 50 अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹4,784)
वैधता: वियतनाम सरकार 90 दिनों की वैधता वाला ई-वीज़ा जारी करती है।
वियतनाम पहुंचने के लिए अब हफ्तों का इंतजार या लंबे ले-ओवर की जरूरत नहीं है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख भारतीय शहरों से हर हफ्ते लगभग 90 सीधी उड़ानें हनोई और हो ची मिन्ह सिटी के लिए संचालित होती हैं। भारत से वियतनाम पहुंचने में महज 3 से 5 घंटे का समय लगता है।
कोविड-19 महामारी के बाद वियतनाम सरकार ने अपने पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर अपग्रेड किया है। सिंगापुर में वीज़ा की हालिया दिक्कतों और दुबई की झुलसाने वाली गर्मी (जून से सितंबर) के बीच वियतनाम एक बेहतरीन, शांत और प्राकृतिक विकल्प बनकर उभरा है।
1972 से दोनों देशों के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध हैं। वियतनाम में स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार:
वर्तमान में करीब 8,000 भारतीय वियतनाम में स्थायी रूप से रह रहे हैं।
ये भारतीय नागरिक मुख्य रूप से आईटी, होटल इंडस्ट्री, माइनिंग, योग संस्थानों, सिविल एविएशन और शैक्षणिक क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
वियतनाम में बढ़ते पर्यटन के बीच सुरक्षा को लेकर एक बेहद चिंताजनक खबर भी सामने आई है। हाल ही में वियतनाम में हुई एक भयावह नौका दुर्घटना में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई।
हादसे का शिकार: ये सभी लोग एक कॉरपोरेट बिजनेस ट्रिप पर वियतनाम गए थे और मृतकों में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल के नागरिक शामिल थे।
सरकार का रुख: इस हादसे के बाद वियतनाम के उप प्रधानमंत्री फाम जिया डुक ने तत्काल उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। तेजी से बढ़ते पर्यटन के बीच सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराना अब वियतनाम सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
वियतनाम का भारतीय बाजार में तेजी से उभरना यह दिखाता है कि अब भारतीय पर्यटक सिर्फ 'नामचीन' जगहों के पीछे नहीं भाग रहे, बल्कि वे पैसा वसूल और नए अनुभवों को तरजीह दे रहे हैं। क्षेत्रफल में भारत के राजस्थान से भी छोटे इस देश ने साबित किया है कि अगर सरकार सही विजन के साथ वीज़ा नियमों को आसान करे और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारे, तो पर्यटन की कायापलट की जा सकती है।
बेबाक24 का बिजनेस विश्लेषण कहता है कि कम लागत और सीधी उड़ानों के दम पर वियतनाम ने इंडोनेशिया और थाईलैंड के बाजार में बड़ी सेंध लगा दी है। हालांकि, 15 भारतीय पर्यटकों की मौत का हालिया नौका हादसा एक बहुत बड़ा वेक-अप कॉल (चेतावनी) है। वियतनाम को अगर भारतीयों का यह भरोसा बरकरार रखना है, तो उसे सस्ते पैकेज के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा और कड़े ट्रैवल गाइडलाइंस सुनिश्चित करने होंगे, वरना सैलानियों को रुख बदलते देर नहीं लगती।
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