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सोनभद्र खदान हादसा: अब तक 3 मजदूरों की मौत की पुष्टि, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

by admin@bebak24.com on | 2025-11-16 20:52:45

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सोनभद्र खदान हादसा:  अब तक 3  मजदूरों की मौत की पुष्टि, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

सोनभद्र :  ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी स्थित कृष्णा माइनिंग वर्क्स की पत्थर खदान में शनिवार, 15 नवंबर 2025 को हुए भीषण हादसे में अब तक दो मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, अभी भी 12 से 15 मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

हादसा शनिवार दोपहर बाद करीब 3 से 4 बजे के बीच हुआ जब खदान में ड्रिलिंग/हेवी ब्लास्टिंग का काम चल रहा था, जिसके दौरान पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरक गया।

 दुर्घटना का ताजा अपडेट 

  मृतकों की संख्या: अब तक तीन  मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं।

   पहले मृतक की पहचान राजू सिंह गौड़ (30), पनारी ग्राम निवासी के रूप में हुई है, जिसकी पहचान उसके भाई सोनू सिंह ने फोन नंबर से की।

   दूसरे और तीसरे मृतक: दूसरे और तीसरे शवों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रारंभिक सूचनाओं में यह बात सामने आ रही है कि दो सगे भाइयों के शव मिलने की संभावना है, लेकिन       पुलिस या प्रशासन ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

  •   फंसे हुए मजदूर: खदान में कुल 18 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से लगभग 12 से 15 मजदूरों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। फंसे हुए लोगों में पनारी के इंद्रजीत यादव और संतोष यादव (आपस में सगे भाई), और खड़री टोला के रामखेलावन, अशोक और कृपाशंकर शामिल हैं | 
  •  बचाव कार्य (रेस्क्यू ऑपरेशन):

       घटनास्थल पर एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें रातभर से युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

       जिलाधिकारी (डीएम) बी.एन. सिंह, पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक वर्मा, और एडीजी (ADG) वाराणसी जोन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।

       अंधेरा, खदान की अत्यधिक गहराई और मलबे में बड़े-बड़े पत्थर होने के कारण बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

     प्रशासनिक लापरवाही और जांच के आदेश

      हादसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चोपन आगमन स्थल से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर हुआ था।

     प्रशासन ने पुष्टि की है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के कारण क्षेत्र में उस दिन ब्लास्टिंग और खनन कार्य प्रतिबंधित था, इसके बावजूद खनन जारी था।

     हादसे के तुरंत बाद खदान मालिक और पार्टनर फरार हो गए। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है।

     समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव सिंह गोंड ने घटना को दुखद बताते हुए अवैध खनन और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

     जिलाधिकारी ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

    यह घटना सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक रोक के बावजूद खनन जारी रहने पर गंभीर सवाल खड़े करती है।



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