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गाजीपुर में बड़ी कार्रवाई: जनगणना कार्य में लापरवाही पर शिक्षक सस्पेंड, BRC रेवतीपुर से संबद्ध!

by on | 2026-06-03 21:39:07

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गाजीपुर में बड़ी कार्रवाई: जनगणना कार्य में लापरवाही पर शिक्षक सस्पेंड, BRC रेवतीपुर से संबद्ध!

गाजीपुर (ब्यूरो रिपोर्ट): सरकारी कार्यों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों को ठेंगे पर रखने वाले कर्मचारियों के खिलाफ गाजीपुर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ताजा मामला शिक्षा विभाग से सामने आया है, जहां जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में बाधा डालने और घोर लापरवाही बरतने के आरोप में एक सहायक अध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

​जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) उपासना रानी वर्मा के मुताबिक, शिक्षा क्षेत्र भदौरा के कम्पोजिट विद्यालय दिलदारनगर गांव में तैनात सहायक अध्यापक गौतम राहुल दीपंकर को जनगणना कार्य में घोर लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया है।

  • नोटिस का नहीं दिया जवाब: BSA कार्यालय द्वारा बीते 29 मई 2026 को आरोपी शिक्षक को नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन शिक्षक ने इसका कोई जवाब नहीं दिया।
  • आदेशों की अवहेलना: बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद शिक्षक ने 30 मई 2026 तक जनगणना का कार्य प्रारंभ ही नहीं किया।
  • अधिकारियों का फोन उठाना बंद किया: हद तो तब हो गई जब समीक्षा बैठक और कार्य की प्रगति जानने के लिए उच्चाधिकारियों ने दूरभाष (फोन) के माध्यम से संपर्क साधने की कोशिश की। शिक्षक ने न तो फोन रिसीव किया और न ही खुद वापस कोई संपर्क किया, जिससे बेहद महत्वपूर्ण कार्य में अनावश्यक देरी हुई।

इन गंभीर आरोपों में गिरे शिक्षक, गिरी निलंबन की गाज

​शिक्षक के इस अड़ियल और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को अनुशासनहीनता और अध्यापक आचरण नियमावली का खुला उल्लंघन मानते हुए BSA ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के तहत उन्हें सस्पेंड कर दिया है। शिक्षक पर दर्ज मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:

  1. ​जनगणना जैसे अति महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में अवरोध उत्पन्न करना।
  2. ​उच्चाधिकारियों के वैधानिक आदेशों की लगातार अवहेलना करना।
  3. ​फोन न उठाना और न ही स्वयं विभाग से संपर्क स्थापित करना।
  4. ​अध्यापक आचरण नियमावली के नियमों की धज्जियां उड़ाना।

BRC रेवतीपुर से संबद्ध, खंड शिक्षा अधिकारी करेंगे जांच

​निलंबन की अवधि के दौरान शिक्षक गौतम कुमार दीपांकर को बी०आर०सी० (BRC) रेवतीपुर से संबद्ध कर दिया गया है। मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी रेवतीपुर, अशोक कुमार गौतम को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे समय सीमा के भीतर आरोप-पत्र BSA कार्यालय से अनुमोदित कराकर निलंबित शिक्षक को सौंपें और जांच की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

नियमों के तहत ही मिलेगा गुजारा भत्ता

आदेश में यह भी साफ किया गया है कि वित्तीय हस्तपुस्तिका के नियमों के तहत निलंबित शिक्षक को जीवन निर्वाह भत्ता तभी देय होगा, जब वह इस बात का आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेंगे कि निलंबन अवधि के दौरान वे किसी अन्य व्यापार या वृत्ति (बिजनेस/नौकरी) में संलिप्त नहीं हैं।


बेबाक बात: सरकारी तंत्र में बैठकर राष्ट्रीय महत्व के कार्यों (जैसे जनगणना) को हल्के में लेने वाले कर्मचारियों के लिए गाजीपुर BSA की यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है। ड्यूटी से जी चुराने और अधिकारियों के फोन को नजरअंदाज करने का अंजाम क्या होता है, यह इस कार्रवाई से साफ हो गया है।



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