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मालवीय नगर हादसा: डिजिटल लॉक बना डेथ ट्रैप, इमारत में जिंदा जले 21 लोग

by admin@bebak24.com on | 2026-06-03 20:53:05

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मालवीय नगर हादसा: डिजिटल लॉक बना डेथ ट्रैप, इमारत में जिंदा जले 21 लोग

नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली का मालवीय नगर (हौज रानी) इलाका बुधवार की सुबह एक ऐसे खौफनाक और रूह कंपाने वाले हादसे का गवाह बना जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ स्थित 'लेमन ग्रीन' रेस्टोरेंट-कम-गेस्ट हाउस में अचानक लगी भीषण आग की वजह से 21 लोगों की जिंदा जलने और दम घुटने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 37 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें नजदीकी मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों और फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी से 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस पूरे हादसे में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इमारत की सुरक्षा के लिए लगाया गया अत्याधुनिक डिजिटल लॉक ही यहाँ फंसे लोगों के लिए सबसे बड़ा काल बन गया।


सुरक्षा के लिए लगा इलेक्ट्रॉनिक गेट बना जी का जंजाल

घटना के समय मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि सुबह करीब 8:00 बजे अचानक इमारत के निचले हिस्से (बेसमेंट) से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने ग्राउंड और पहली मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया।

पड़ोस में रहने वाले मंसूर ने बताया कि इमारत के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक गेट लगा था, जो रात के समय सुरक्षा के लिहाज से अपने आप लॉक हो जाता था। आग लगने के कारण जैसे ही पूरी बिल्डिंग की बिजली गुल हुई, वह डिजिटल गेट पूरी तरह जाम हो गया। अंदर फंसे लोग 'बचाओ-बचाओ' चिल्ला रहे थे, लेकिन बाहर निकलने का मुख्य रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो चुका था। धुआं और आग की लपटें बढ़ने के कारण दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर मौजूद मेहमान वहीं कैद होकर रह गए।


जब देवदूत बने पड़ोसी: ईंट-पत्थरों से तोड़े शीशे, फैलाए कंबल

प्रशासनिक और फायर ब्रिगेड की टीमों के पहुंचने से पहले स्थानीय युवाओं और निवासियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

- तोड़े गए खिड़कियों के कांच: नीचे खड़े लोगों ने तुरंत ईंट और पत्थरों से खिड़कियों के कांच तोड़े ताकि वेंटिलेशन हो सके और अंदर फंसे लोग सांस ले सकें।

- आसपास से जुटाए गद्दे: स्थानीय निवासी शेर खान के मुताबिक, जब ऊपरी मंजिलों से लोग जान बचाने के लिए नीचे कूदने की तैयारी करने लगे, तो निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए पास के होटलों और घरों से गद्दे व रजाई लाकर जमीन पर बिछा दिए।

- छत से लटकाई रस्सियां: चौथी मंजिल पर फंसी एक विदेशी महिला को निकालने के लिए सामने वाली बिल्डिंग की छत से रस्सियां फेंकी गईं, जिसके सहारे उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया।

- रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर (चश्मदीद विजय जायसवाल की जुबानी): "एक मां ने जब देखा कि बचने का कोई रास्ता नहीं है, तो उसने अपने छोटे बच्चे को छाती से लगाया और तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। गनीमत यह थी कि नीचे स्थानीय लोगों ने पहले ही गद्दे फैला रखे थे, जिससे दोनों की जान बच गई और उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया।"


प्रधानमंत्री ने किया मुआवजे का एलान, विदेश मंत्रालय अलर्ट

इस भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और सभी घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने का एलान किया है।

हादसे का शिकार हुए लोगों में बड़ी संख्या नाइजीरिया, बांग्लादेश और लाइबेरिया जैसे देशों से आए विदेशी नागरिकों की है, जो इलाज के सिलसिले में भारत आए थे। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि विदेश मंत्रालय लगातार संबंधित देशों के दूतावासों के संपर्क में है और पीड़ितों को हर संभव सहायता दी जा रही है। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर दुख जताते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।

हादसे पर गरमाई सियासत: किसने क्या कहा?

नेता / अधिकारीपदमुख्य बयान / रुख
राजनाथ सिंहदेश के रक्षा मंत्री"यह हादसा अत्यंत दुखद और मन को व्यथित करने वाला है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।"
प्रियंका गांधीकांग्रेस नेताहादसे पर संवेदना व्यक्त करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पीड़ितों की हर संभव मदद करने की अपील की।
अरविंद केजरीवालपूर्व सीएम, दिल्ली"दिल्ली में लगातार हो रहे अग्निकांड और मासूम लोगों की मौतें बेहद चिंताजनक हैं। इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।"
मनोज तिवारीभाजपा सांसदघटना को बेहद दर्दनाक बताते हुए मांग की कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आग लगने के कारणों की उच्च स्तरीय जांच हो।
सतीश उपाध्यायस्थानीय विधायकसुबह 9 बजे से घटनास्थल पर डटे रहने की बात कहते हुए बताया कि सुरक्षा के लिहाज से बीएसईएस (BSES) ने इलाके की बिजली काट दी है।

सौरभ भारद्वाज का तीखा हमला: 'हादसों से सबक नहीं ले रही सरकार'

इस दर्दनाक हादसे के बाद आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रशासनिक सुस्ती और जिम्मेदार अफसरों को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:

"फरवरी में पालम इलाके में लगी आग में नौ लोग मरे थे, जिसकी जांच रिपोर्ट तीन महीने बाद भी सामने नहीं आई। विवेक विहार हादसे के वक्त फायर ब्रिगेड की गाड़ियों में पानी तक नहीं था। सरकार अपनी जिम्मेदारी तय करने और कड़े कदम उठाने के बजाय सारा दोष पीड़ितों पर मढ़ देती है। जब तक जिम्मेदार अफसरों पर ठोस और दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक ऐसे हादसों को रोक पाना मुमकिन नहीं है।"



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