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दूसरा नोटिस देने अभिषेक बनर्जी के घर पहुंचे CID के अफसर; सुकांत मजूमदार ने भी साधा निशाना

by on | 2026-06-01 22:03:10

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दूसरा नोटिस देने अभिषेक बनर्जी के घर पहुंचे CID के अफसर; सुकांत मजूमदार ने भी साधा निशाना

कोलकाता | पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले में पूछताछ के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को दूसरा नोटिस तामील कराने आज सीआईडी (CID) की टीम उनके आवास पर पहुंची। इससे पहले अभिषेक बनर्जी ने अपनी खराब तबीयत का हवाला देते हुए जांच एजेंसी से 15 दिनों का समय मांगा था।

​कालीघाट आवास पर पहुंची सीआईडी की टीम

​सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की एक टीम सोमवार को अभिषेक बनर्जी के दक्षिण कोलकाता स्थित कालीघाट रोड वाले आवास पर पहुंची। दरअसल, अभिषेक बनर्जी को सोमवार दोपहर 12 बजे तक भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होना था।

​निर्धारित समय पर पेश न होने के बाद, सीआईडी के अधिकारी उन्हें नया नोटिस देने उनके घर पहुंचे। नए नोटिस के मुताबिक, अब उन्हें 8 जून को दोपहर 12 बजे सीआईडी कार्यालय में पेश होने को कहा गया है।

​हाई वोल्टेज ड्रामा: रिपोर्ट लिखे जाने तक सीआईडी की टीम कालीघाट रोड स्थित आवास के मुख्य द्वार के बाहर ही मौजूद थी और अंदर से दरवाजा बंद था। बताया जा रहा है कि निजी सुरक्षा कर्मियों ने सीआईडी टीम को स्पष्ट किया कि दरवाजा तभी खोला जाएगा जब अभिषेक बनर्जी खुद इसकी अनुमति देंगे।

​अभिषेक बनर्जी ने ईमेल भेजकर मांगा था समय

​अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को सीआईडी को एक ईमेल भेजकर 15 दिन का समय मांगा था। उन्होंने इसके पीछे 30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में हुए कथित हमले के बाद अपनी शारीरिक स्थिति (तबीयत ठीक न होने) का कारण बताया था। हालांकि, जांच एजेंसी ने उन्हें इतनी लंबी मोहलत न देते हुए 8 जून की नई तारीख तय कर दी है।

​क्या है पूरा मामला?

​यह पूरा विवाद टीएमसी विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षरों से जुड़ा हुआ है।

​शिकायतकर्ता: टीएमसी के दो विधायक ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और संदीपन साहा।

आरोप: दोनों विधायकों ने विधानसभा सचिवालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि विपक्ष के नेता के रूप में शोवनदेब चट्टोपाध्याय की नियुक्ति के लिए पारित पार्टी प्रस्ताव में उनके जाली (फर्जी) हस्ताक्षर किए गए हैं।

​जांच की शुरुआत: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया को बताया कि यह जांच तब शुरू हुई, जब इन दोनों विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष रतींद्र बोस के कार्यालय को सूचित किया कि विपक्ष के नेता, दो उपनेता और मुख्य सचेतक के नामों के प्रस्ताव में कुछ विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी हैं।

​समन से बचने की कोशिश कर रहे हैं अभिषेक: सुकांत मजूमदार

​इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोला है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने टीएमसी नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी जांच से भाग रहे हैं।

सुकांत मजूमदार भाजपा (केंद्रीय राज्य मंत्री) "अभिषेक बनर्जी ने समन से बचने की कोशिश की है, लेकिन उन्हें आखिरकार पेश होना ही पड़ेगा। वह कब तक इससे बच सकते हैं? जब तृणमूल के कुछ नेता उन पर कथित तौर पर हमला करने की कोशिश करते हुए पकड़े गए, तभी शक हो गया था कि ऐसा कोई प्लान (बहानेबाजी) बन रहा है।"

इस मामले ने बंगाल की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है। अब देखना यह होगा कि 8 जून को अभिषेक बनर्जी सीआईडी के सामने पेश होते हैं या यह कानूनी लड़ाई कोई नया मोड़ लेती है।



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