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भूमि विवाद में बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: UP STF के हत्थे चढ़ा मास्टरमाइंड प्रॉपर्टी डीलर और उसका ड्राइवर!

by on | 2026-06-01 09:32:21

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भूमि विवाद में बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: UP STF के हत्थे चढ़ा मास्टरमाइंड प्रॉपर्टी डीलर और उसका ड्राइवर!

लखनऊ/वाराणसी। राजधानी लखनऊ को दहला देने वाले मशहूर बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड में यूपी एसटीएफ (UP STF) को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसटीएफ ने रविवार की रात इस पूरी खूनी साजिश के मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड प्रॉपर्टी डीलर दिनेश यादव और उसके ड्राइवर मुकर्बीन उर्फ मुबीन को दबोच लिया है। बेबाक जांच में साफ हो गया है कि यह पूरी वारदात किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थी, जहां महज पांच लाख रुपये की सुपारी देकर एक हंसते-खेलते बिल्डर को मौत के घाट उतार दिया गया।

​आइए सिलसिलेवार ढंग से समझते हैं कि आखिर इस पूरे हत्याकांड की परतें कैसे खुलीं:

​ विवाद की जड़: 5 महीने पहले ही लिख दी गई थी मौत की पटकथा

​इस खूनी खेल की शुरुआत आज से नहीं, बल्कि करीब पांच महीने पहले हुई थी। मृतक बिल्डर संदीप सिंह और प्रॉपर्टी डीलर दिनेश यादव के बीच एक कीमती जमीन पर कब्जे को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था। विवाद इस कदर बढ़ा कि संदीप सिंह ने दिनेश यादव समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा भी दर्ज कराया था। इसी कानूनी शिकंजे और रंजिश के चलते दिनेश यादव ने संदीप को अपने रास्ते से हटाने का खौफनाक फैसला कर लिया।

​ 5 लाख की सुपारी और ड्राइवर का 'एक्शन प्लान'

​दिनेश यादव ने खुद को पाक-साफ बचाने के लिए अपने वफादार ड्राइवर मुकर्बीन उर्फ मुबीन को आगे किया। मुबीन ने शूटरों से संपर्क साधा और डील पक्की होते ही शूटरों को 5 लाख रुपये की नकद धनराशि सौंप दी।

​इतना ही नहीं, रेकी और वारदात को अंजाम देने के लिए मुबीन ने एक पुरानी मोटरसाइकिल खरीदी। पुलिस और सीसीटीवी की नजरों से बचने के लिए शातिर ड्राइवर ने बाइक का नंबर प्लेट पहले ही उखाड़ दिया और बिना नंबर की यह बाइक शूटरों के हवाले कर दी।

​ वारदात के बाद 'अम्बेडकरनगर' का सेफ-रूट

​साजिशकर्ताओं की चालाकी देखिए—वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले मास्टरमाइंड दिनेश यादव और उसका ड्राइवर मुबीन लखनऊ से खिसक कर अपने गृह जनपद अम्बेडकरनगर चले गए, ताकि पुलिस को उन पर शक न हो और उनके पास पुख्ता 'एलिबाई' (घटना के वक्त कहीं और होने का सबूत) रहे। दोनों वहीं छिपकर बैठे थे और मान रहे थे कि वो कानून की नजरों से बच निकले हैं।

​ STF का संजाल और 'द एंड'

​लेकिन कानून के हाथ लंबे होते हैं। एसटीएफ की सर्विलांस और जमीनी मुखबिरी के सटीक इनपुट के बाद, रविवार की रात घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

बेबाक सवाल:

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वो शूटर कौन हैं जिन्हें 5 लाख की सुपारी दी गई थी? एसटीएफ अब इन दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर उन शूटरों के ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी में है। जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां देखने को मिल सकती हैं।

​पल-पल की बेबाक अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए बेबाक 24 के साथ।



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